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पीआईसी मेम्बर ने स्वच्छता निरीक्षक को बैठक से धक्के देकर बाहर निकाला

सोमवार को नगरपालिका के अध्यक्ष सभाकक्ष में आयोजित पीआईसी (प्रेसीडेंट इन काउंसिल)की बैठक में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक पार्षद ने स्वच्छता निरीक्षक के साथ अभद्रता कर उन्हें धक्का देकर बैठक से बाहर निकाल दिया।

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 कर्मचारी संघ ने पार्षद पर कार्रवाई के लिए खोला मोर्चा

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बैतूल। सोमवार को नगरपालिका के अध्यक्ष सभाकक्ष में आयोजित पीआईसी (प्रेसीडेंट इन काउंसिल)की बैठक में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक पार्षद ने स्वच्छता निरीक्षक के साथ अभद्रता कर उन्हें धक्का देकर बैठक से बाहर निकाल दिया। जिसके बाद सीएमओ ने बैठक को स्थगित कर दिया। अधिकारी के साथ एक पार्षद द्वारा की गई अभ्रदता के खिलाफ नगपालिका कर्मचारी संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। संघ ने नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त के प्रमुख सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपकर पार्षद के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में कार्रवाई नहीं की जाती है तो समस्त कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

बैठक अधूरी होने से सभी प्रस्तावों पर नहीं बनी सहमति
नगरपालिका में पीआईसी की बैठक में हंगामा होने की वजह से सभी मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। बैठक को शाम 5 बजे ही खत्म करना पड़ा। बैठक के एजेंडे में कुल 183 प्रस्ताव शामिल किए गए थे, जिन पर चर्चा होना थी, लेकिन एक पार्षद के हंगामे की वजह से 129 प्रस्तावों पर ही चर्चा हो सकी। जबकि 54 प्रस्तावों पर चर्चा नहीं होने के कारण उन्हें अगली बैठक में शामिल किया जाएगा। बताया गया कि पीआईसी में निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी के लिए रखा गया था ताकि वार्डों में जल्दी निर्माण कार्य शुरू हो सके, लेकिन बैठक में हंगामे की वजह से अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।

पार्षद ने कहा मैं रहूंगा या स्वच्छता निरीक्षक
पीआईसी की बैठक में शाम 5.15 बजे स्वच्छता निरीक्षक संतोष धनेलिया के साथ पीआईसी मेम्बर एवं पार्षद विकास प्रधान द्वारा अभद्रता किए जाने से हंगामा खड़ा हो गया। घमंड में चूर पार्षद ने अपनी मर्यादा भूलकर स्वच्छता निरीक्षक को बैठक में से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। पार्षद यहीं नहीं रूके उन्होंने अपना आपा खोते हुए यह तक कह दिया कि नगरपालिका में मैं रहूंगा या फिर स्वच्छता निरीक्षक रहेंगे। यह पहला मौका नहीं है जब पार्षद ने स्वच्छता निरीक्षक को अपना निशाना बनाया है। इससे पहले भी 17 अप्रेल को पीआईसी की बैठक में स्वच्छता निरीक्षक के साथ इसी तरह की अभद्रता की गई थी, लेकिन नगपालिका अधिकारियों ने मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। जिसकी वजह से पार्षद ने दोबारा यह कृत्य किया।

अध्यक्ष सहित सीएमओ बने रहे मूकदर्शक
पीआईसी की बैठक में जब यह शर्मसार करने वाला वाक्या हुआ उस वक्त नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर, सीएमओ अक्षत बुंदेला सहित अन्य पीआईसी मेम्बर भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी पार्षद को रोकने या टोकने की कोशिश नहीं की। सभी मूकदर्शक बनकर देखते रहे। बाद में नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मामले में संज्ञान लिया और स्वच्छता निरीक्षक के साथ किए गए अभ्रद व्यवहार को लेकर प्रमख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मदनलाल विन्नोदकर ने बताया कि इससे पहले भी पार्षद बैठकों में अपना आपा खो चुके हैं। यदि इसी तरह से पार्षद अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाएंगे तो काम करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन में पार्षद के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की जाती हैं तो कर्मचारियों द्वारा सामूहिक हड़ताल की जाएगी।

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