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भोपाल के किसान ने उगाए नीले आलू, जानिए इनकी खासियत

potato: अब केवल कार्बोहाइड्रेट नहीं अन्य तत्वों की पौष्टिकता से भरपूर है यह आलू

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भोपाल

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Sunil Mishra

Mar 17, 2022

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अब सब्जियों में भी नए-नए प्रयोग हो रहे हैं। परंपरागत की बजाय उन सब्जियों पर लोगों का ज्यादा ध्यान है जो स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभदायक हैं। राजधानी के एक उन्नत किसान ने नीले आलू उगाए हैं। इन आलुओं में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा कई गुना ज्यादा है। आलू की यह कुफरी नीलकंठ नामक किस्म भारतीय आलू अनुसंधान संस्थान ने विकसित की है।
राजधानी में इसे उगाने वाले किसान मिश्रीलाल राजपूत ने बताया कि वे करीब एक साल पहले भारतीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला से 2 क्विंटल नीले आलू लाए थे। उन्होंने इसे अपने खेत में उगाया तो 25 क्विंटल नीला आलू निकला। इसे कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया। फिलहाल वे इसे बेचने की बजाय बीज ही तैयार करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसकी खासियत यह है कि यह परंपरागत आलू की तुलना में बहुत जल्दी पक जाता है। कुकर में यह तीन-चार मिनट में ही पक जाता है। इसके साथ यह ज्यादा पौष्टिक भी है।

सामान्य आलू से सात गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट

आलू अनुसंधान संस्थान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कुफरी नीलकंठ किस्म में 100 ग्राम आलू में एंथेसायनिन तत्व की मात्रा 100 माइक्रोग्राम तथा कैरोटिनायडस की मात्रा 300 माइक्रोग्राम होती है। सामान्य आलू में एंथेसायनिन 15 माइक्रोग्राम तक तथा कैरोटिनायडस 70 माइक्रोग्राम तक होता है। इन तत्वों को सामान्य भाषा में एंटी ऑक्सीडेंट कहते हैं। एंटी ऑक्सीडेंट हमारे शरीर के अपाच्य हानिकारक तत्वों को नष्ट करते हैं और हाजमा दुरुस्त रखते हैं। कृषि वैज्ञानिक केके सिंह के अनुसार कुफरी नीलकंठ आलू अच्छी पैदावार देता है। इसकी कीमत बाजार में सामान्य आलू से ज्यादा मिल सकती है। किसानों को नई वैरायटी अपनानी चाहिए। यह किस्म पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के मैदानी इलाकों, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और इसी तरह के कृषि पारिस्थितिकी राज्यों में खेती के लिए उपयुक्त है। कुफरी नीलकंठ में कुफरी ललित, कुफरी लालिमा और कुफरी सिंधुरी नाम की प्रचलित किस्में हैं। यह किस्म उर्वरक के अनुकूल है और 35-38 टन/हैक्टेयर उपज देने में सक्षम है।

पौष्टिकता बढ़ने से सभी के लिए अनुकूल

मिश्रीलाल बताते हैँ कि आलू को कार्बोहाइड्रेट युक्त जंक फूड के रूप में माना जाता है। लेकिन इस नीले आलू को वैज्ञानिकों ने विकसित किया है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा हैँ। इसलिए यह सभी लाेगों के लिए उपयुक्त हैँ। यह आलू पौष्टिक होने के कारण खाने का अच्छा स्रोत बन सकता है।