
भोपाल. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। अगला चुनाव 2023 के आखिरी में होना है। लेकिन मध्यप्रदेश बीजेपी में समर्थक अपने-अपने नेता को सीएम बनाने की मांग करने लगे हैं। इस बार यह मांग मोदी मंत्रिमंडल में शामिल प्रह्लाद सिंह पटेल के लिए उठ रही है। सोशल मीडिया पर दो जून को उनके समर्थकों ने एक ग्रुप बनाकर यह कैंपेन शुरू किया है।
प्रह्लाद सिंह पटेल मध्यप्रदेश में बीजेपी के कद्दावर नेता हैं और दमोह से सांसद हैं। मोदी सरकार-2 में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। छवि साफ सुथरी है। केंद्रीय नेतृत्व में अच्छी पकड़ है, इसके साथ ही संघ के भी करीब हैं। अभी उन्हें मंत्रालय संभाले एक महीना भी नहीं हुआ है कि प्रह्लाद सिंह पटेल के समर्थकों ने उनके लिए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है।
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फेसबुक पर बना ग्रुप
मध्यप्रदेश में प्रह्लाद सिंह पटेल के समर्थकों ने फेसबुक पर एक ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप का नाम रखा है वी सपोर्ट प्रह्लाद सिंह पटेल नेक्स्ट सीएम ऑफ एमपी। दो जून को इस ग्रुप का निर्माण किया गया था, अब तक इस ग्रुप में साढ़े छह हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। इस ग्रुप में लोग प्रह्लाद सिंह पटेल को सीएम बनाने की मांग को लेकर उनके सपोर्ट में पोस्ट कर रहे हैं। उन पोस्ट पर सैकड़ों लोग कमेंट कर समर्थन दे रहे हैं।
15 साल तक सीएम रहे शिवराज
मध्यप्रदेश में भाजपा ने 15 साल तक राज किया है। इस दौरान प्रदेश में सरकार की कमान शिवराज सिंह के हाथों में रहा। 2018 विधानसभा चुनाव में जब पार्टी बहुमत से दूर रही तो शिवराज की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में बढ़ने लगी। शिवराज सिंह चौहान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। इसके साथ ही सदस्यता अभियान का उन्हें राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया है। बीजेपी 6 जुलाई से राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान की शुरुआत करेगी।
केंद्र की राजनीति में हो सकते हैं शिफ्ट
शिवराज को पार्टी जिस तरीके से राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका बढ़ा रही है, उससे प्रदेश की राजनीति में समर्थकों को लगता है कि बीजेपी उन्हें धीरे-धीरे दिल्ली ले जाना चाहती है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने मध्यप्रदेश के बाहर जाकर पार्टी के लिए प्रचार किया था। सदस्यता अभियान की जिम्मेवारी मिलने के बाद शिवराज ने दिल्ली पहुंच कमान संभाल लिया है।
कैलाश विजयवर्गीय को लेकर भी उठती है मांग
मध्यप्रदेश के नेताओं का बीजेपी में हाल के दिनों में भूमिका बढ़ी है। शिवराज सरकार में मंत्री रहे कैलाश विजयवर्गीय भी बीजेपी महासचिव हैं। कैलाश विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रभारी भी हैं। उनके नेतृत्तव में इस बार बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत भी हासिल की है। इंदौर में उनके समर्थक भी बीच-बीच में सीएम बनाने की मांग उठाते रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर इनके समर्थक में कैंपेन चला रहे हैं।
पेशे से वकील हैं प्रह्लाद पटेल
मोदी सरकार में मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल पेशे से वकील हैं। पहली बार वह बालाघाट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। अटल बिहारी वाजपेयी के सरकार में वे कोयला राज्यमंत्री रह चुके हैं। 2014 में भी चुनाव जीते थे लेकिन मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जरूर थे। इन्होंने 15 साल पहले नर्मदा यात्रा भी की थी।
जनता के बीच है अच्छी पकड़
प्रह्लाद पटेल मध्यप्रदेश में आमलोगों के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं। साथ ही पूर्व सीएम उमा भारती का इन्हें करीबी बताया जाता है। शिवराज सिंह से भी इनके रिश्ते अच्छे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान शिवराज सिंह दमोह में इनके लिए वोट मांगने आए थे। बताया जाता है कि प्रह्लाद पटेल संघ में भी अच्छी पकड़ रखते हैं।
Published on:
14 Jun 2019 04:21 pm

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