
first craft handloom tourism village
भोपाल। पर्यटन विभाग चंदेरी के पास स्थित प्राणपुर गांव को देश के पहले क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित कर रहा है। अभी कहीं भी इस तरह का टूरिस्ट स्पॉट नहीं बनाया गया है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक चंदेरी के साथ इस गांव की सैर भी कर चंदेरी की प्राचीनता के साथ चंदेरी साडि़यों की प्राचीन विरासत को भी देख सकेंगे। इसे क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की योजना पर पिछले 5 वर्षों से काम किया जा रहा है। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 8 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
घर की दीवारों को एनआइडी स्टूडेंट्स ने सजाया
पर्यटन बोर्ड के एमडी शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि यहां आने वाले पर्यटक खुद को गांव और चंदेरी की प्राचीनता से जुड़ा महसूस कर सकें, इसलिए यहां दीवारों पर भी साडि़यों पर उकेरी जाने वाली प्राचीन डिजाइन्स को दीवारों पर उकेरा जा रहा है। नेशनल स्कूल ऑफ डिजाइन(एनआइडी) के विद्यार्थियों ने प्राणपुर जाकर खुद ये डिजाइंस तैयार की हैं। गांव के प्रवेश द्वार से लेकर गलियों तक हस्तशिल्प और बुनकर कला देखने को मिलेगी। अशोकनगर और ललितपुर दोनों तरफ से आने वाले पर्यटक कलात्मक एंट्री गेट भी तैयार किया गया है। करीब 100 घरों की दीवारों पर रंग-बिरंगे चित्र उकेरे जा चुके हैं। अन्य घरों की दीवारों पर काम चल रहा है।
21 वर्ष पहले बना था पर्यटक गांव
चंदेरी के पास इस गांव को विकसित करने की योजना 2010 में बनाई गई थी। 2002 में इसे पर्यटक गांव का दर्जा दिया गया। हालांकि, इसके बाद कई वर्षों तक कुछ खास काम नहीं हुआ। करीब पांच वर्ष पहले वस्त्र मंत्रालय और पर्यटन विभाग ने नए सिरे से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। यहां 243 पंजीकृत बुनकरों घर में हैंडलुम का काम करते हैं। अन्य ग्रामीण भी इस पेशे से जुड़े हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हैंडलूम कैफे भी बनेगा। यहां बुंदेलखंडी व्यंजन का लुत्फ लिया जा सकेगा।
बुनकरों की आय भी बढ़ेगी
बुनकर दीपक कौल का कहना है कि क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज बनने से गांव में पर्यटन के साथ बुनकरों की आय भी बढ़ेगी। गांवों की दीवारों को प्राचीन डिजाइन से सजाया जा रहा है। अभी हम लोगों एक दिन में 200 से 300 रुपए ही कमा पाते हैं। पर्यटन बढ़ने से आय बढ़ने की उम्मीद है।
Published on:
09 Oct 2023 09:24 pm

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