टीका लगवाने के लिये 18 से 44 साल के लोग सीधे सरकारी सेंटर में करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन, नहीं लेना पड़ेगा ऑनलाइन अपॉइंटमेंट

18 से 44 साल के लोगों के लिये वैक्सीनेशन के नियम में राहत का बदलाव।

By: Faiz

Published: 25 May 2021, 10:34 AM IST

भोपाल/ वैश्विक महामारी कोरोना वायरस पर जल्द से जल्द पकड़ बनाने के लिये मध्य प्रदेश सरकार वैक्सीनेशन के लिये एक तरफ तो जागरूकता अभियान चला रही है, तो वहीं अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन कराने के लिये व्यवस्थाओं को भी सुलभ करने के प्रयास कर रही है। इसी तर्ज पर वैक्सीनेशन के नियमों में एक और राहत का बदलाव किया गया है। अब से 18 से 44 साल तक के आयु वर्ग लोगों को वैक्सीनेशन कराने के लिये ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब वो सीधे वैक्सीनेशन सेंटर्स जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे और या तुरंत या अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। बता दें कि, ये सुविधा सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर्स के लिये ही प्रभावी की गई है।

 

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26 मई से प्रभावी होगी व्यवस्था

18 से 44 साल तक के आयु वर्ग के लोगों के लिये प्रदेश बदली गई वैक्सीनेशन की व्यस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार देर शाम को आदेश जारी किये गए हैं। हालांकि, ये व्यवस्था लोगों के लिये बुधवार 26 मई से प्रभावी होगी, जिसके तहत विशेष आयु वर्ग के लोग सीधे वैक्सीनेशन सेंटर जाकर रजिस्ट्रेशन कराकर टीका लगवा सकेंगे।

केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों को दी ये छूट

सरकारी जानकारों की मानें, तो केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों को ये छूट दी गई है कि, वो वैक्सीन की उपलब्धता और व्यवस्था के हिसाब से ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी लागू कर सकते हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, राज्य ऑन-साइट यानी मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर सकते हैं। ये राज्यों पर निर्भर है कि, वो अपने यहां ये सुविधा शुरू करते हैं या नहीं। लेकिन, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस सुविधा को शुरु करने का ऐलान कर दिया है।

 

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इसलिये लिया गया फैसला

ऐसा देखा जा रहा है कि, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से वैक्सीन के लिए स्लॉट बुक किए जाने के बावजूद भी लोग वैक्सीनेशन सेंटर नहीं पहुंच रहे। ऐसे में बुक की गई वैक्सीन का वेस्टेज बढ़ रहा था और जरूरतमंद को समय पर लग नहीं पा रही थी। वेस्टेज के अधिक मामले सामने आने के बाद ही केंद्र सरकार की ओर से ये फैसला लिया गया है। इसपर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कहा गया कि, प्रदेश में किए जा रहे कोविड वैक्सीनेशन कार्य में ये सुनिश्चित किया जाए कि, वैक्सीन का एक भी डोज़ खराब न हो। वेटिंग तथा ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन व वैक्सीनेशन की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।

 

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ये है नियम में बदलाव की वजह

पिछले दिनों कोरोना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के सामने यह शिकायत आई कि भोपाल शहर के लोग बैरसिया में जाकर वैक्सीन लगवा रहे हैं। क्योंकि शहर में वैक्सीन सेंटर सीमित है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन इसलिए रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है, क्योंकि अधिकांश ग्रामीण एंडरॉयड मोबाइल इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, जबकि वैक्सीन लगाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक था।

 

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