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महाकाल का वैभव देशभर में पहुंचाने 20 धावक 36 दिन में 7600 किमी दौड़ेंगे

62 बड़े शहरों को कवर करते हुए युवाओं की टोली रन अगेंस्ट डिप्रेशन-रन फॉर महाकाल मैराथन के रूप में 12 ज्योतिर्लिंग पहुंचेगी

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भोपाल

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Rajiv Jain

Oct 27, 2022

Mahakaal

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राजीव जैन @ भोपाल. युवाओं की टोली उज्जैन के महाकाल लोक को देश-दुनिया में पहचान दिलाने के लिए खास तरह की दौड़ करने जा रही है। 20 धावक 36 दिन में 7600 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। राजधानी भोपाल से 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर यात्रा शुरू होगी। युवा जयपुर, उदयपुर, रायपुर और बिलासपुर समेत 62 बड़े शहरों को कनेक्ट करते हुए 12 ज्योतिर्लिंग पर पहुंचेंगे। वहां महाकाल लोक का अलौकिक वैभव बताएंगे। खास बात यह है कि इस टोली में कुछ दिव्यांगों के साथ अलग-अलग विधाओं में रेकॉर्ड बना चुके अलग-अलग शहरों के युवा शामिल हैं।
मैराथन के समन्वयक संदीप आर्य ने बताया, प्रत्येक युवा औसत 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 10 किलोमीटर की दौड़ लगाएगा। फिर वह गाड़ी में सवार होगा। इसी क्रम में अन्य युवा बारी-बारी से अपने हिस्से की मैराथन पूरी करेंगे। एक दिन में कुल 240 किलोमीटर की यात्रा होगी। सबसे पहले दौड़े युवा की अगली बारी 24 घंटे बाद आएगी।

अब तक का रेकॉर्ड
यात्रा के मैनेजर व नेशनल एथलीट अमन मिश्रा (उज्जैन) ने बताया, ऐसा पिछला वर्ल्ड रेकॉर्ड 6460 किलोमीटर दौड़ का है। 7600 किलोमीटर मैराथन को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉर्ड और लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी है।
खास-खास
- मैराथन को रन अगेंस्ट डिप्रेशन-रन फॉर महाकाल नाम दिया गया है। इसी थीम पर जागरुकता के लिए प्रयास करेंगे।
- 20 युवाओं के साथ 10 से ’यादा क्रू मेंबर रहेंगे। इनमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, योगाचार्य, फिजियोथेरेपिस्ट आदि रहेंगे।
- मैराथन के लिए युवाओं ने ट्रेनिंग ली है। युवा केदारनाथ से रामेश्वरम् तक सभी 12 ज्योतिर्लिंग तक युवा पहुंचेंगे।
- युवाओं के साथ वैनिटी वेन रहेगी। इस पर लगे क्यूआर कोड से लोग मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में जान सकेंगे।

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कोई दिव्यांग को तो कोई अलग-अलग विधाओं में वर्ल्ड रेकॉर्डधारी
1. गोविंद खरोल: एथलीट गोविंद उदयपुर (राजस्थान) के हैं। दिव्यांग गोविंद हौसले से 100 दिन में 1500 किलोमीटर साइकिल चलाकर रेकॉर्ड बना चुके हैं।

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2. प्रियंका वर्मन: जबलपुर निवासी पर्वतारोही व रनर प्रियंका कई ऊंची चोटियों को फतह कर चुकी हैं। वे पहली बार इस तरह की मैराथन में हिस्सा लेंगी।

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3. रत्नेश पांडेय: सतना के रत्नेश ने माउंट एवेरेस्ट फतह किया है। वे प्रदेश से इस चोटी पर चढऩे वाले पहले व्यक्ति हैं। खड़े होकर बाइक चलाने का वल्र्ड रेकॉर्ड इनके नाम है।

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