कैबिनेट के बड़े फैसले: बेकार पड़ी सरकारी जमीन कब्जे में है तो मिलेगा 30 साल का पट्टा

मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय...।

By: Manish Gite

Published: 23 Sep 2020, 07:34 AM IST

भोपाल. शिवराज सरकार अब सरकारी जमीन (नजूल की भूमि) पर काबिज लोगों को स्थायी पट्टे देगी। इसकी अवधि 30 साल होगी। जिन जमीनों को लेकर कोई विवाद नहीं है, उसके कब्जाधारक निश्चित राशि देकर पट्टा हासिल कर सकेंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस संशोधन को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत 31 दिसंबर 2014 या उसके पहले की निर्विवाद रूप से कब्जे वाली सरकारी जमीन का पट्टा दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित को आवेदन करना होगा। जांच के बाद पात्र लोगों को पट्टे दिए जा सकेंगे। इन पट्टों वाले भू-खंडों पर कर्ज लिया जा सकेगा। उन्हें अतंरण भी कर सकेंगे।

 

बैठक में मंत्रियों ने कहा, ऐसा न हो कि सांठ-गांठ कर जमीन हथिया ली जाए। इस पर सीएम ने कहा, हर प्रकरण का परीक्षण करने के बाद ही पट्टा दिया जाना है। जांच कमेटियां रहेंगी, जो विवादित प्रकरण को देखेंगी।

 

यहां पट्टा नहीं: नए नियमों में राज्य शासन के उपयोग की भूमि, नदी, नालों, धार्मिक संस्था पार्क, खेल मैदान, सड़क, गली या अन्य सामुदायिक उपयोग की जमीनों पर पट्टे नहीं दिए जाएंगे।

 

कोरोना योद्धा योजना की अवधि बढ़ाई गई

  • मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्वा कल्याण योजना की अवधि 30 जून से 30 अक्टूबर तक बढ़ाई। नई आबकारी नीति का अनुसमर्थन किया गया। यह पहले से लागू है।
  • निकायों में अध्यक्ष-महापौर के सीधे चयन को न करने, नगर पालिका विधि संशोधन व कराधान अधिनियम में बकाया राशि का समाधान, एकलव्य निजी विवि दमोह की स्थापना का प्रस्ताव मंजूर।
  • मध्यप्रदेश नजूल भूमि निवर्तन निर्देश-2020 को अनुमोदन दिया। नजूल भूमि की जानकारी ऑनलाइन होगी। इसे लैंडबैंक के नाम से वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।
  • ई-ऑक्शन की प्रक्रिया द्वारा भू-स्वामी के हक में निवर्तन की व्यवस्था की गई है। पुल-पुलियां के साथ ही कन्वेयर बेल्ट या रोपे ट्राली लगाने लाइसेंस और गौशालाओं के लिए लायंसेंस का प्रावधान किया है।
  • सरकारी जमीन के निवर्तन के लिए त्रि-स्तरीय समितियों जिला, संभाग, राज्य स्तरीय समितियों के गठन का प्रावधान रहेगा।

ये भी अहम निर्णय

चैरेटेबिल संस्थाओं को नए प्रावधानों में रियायती दर पर जमीन दी जा सकेगी।
गौशाला के लिए 10 एकड़ तक जमीन एक रुपए के सालाना लायसेंस शुल्क पर दी जा सकेगी।
खेती के लिए भी अलग से सरकारी जमीन के स्थायी अधिकार दिए जा सकेंगे।

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