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मध्य प्रदेश के 6 दर्शनीय स्थलों को यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया है।इसकी जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (X) पर जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इस बार भी मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण स्थलों को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। नई सूची में शामिल किए गए स्थलों में ग्वालियर किला, धमनार का ऐतिहासिक समूह, भोजेश्वर महादेव मंदिर, चंबल घाटी के रॉक कला स्थल, खूनी भंडारा, बुरहानपुर, और रामनगर, मंडला का गोड स्मारक शामिल हैं।
भोजेश्वर महादेव मंदिर भोजपुर भी शामिल
यूनेस्को में भारत के स्थाई प्रतिनिधिमंडल की तरफ से कहा गया है हमें बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि भारत के मध्य प्रदेश से छह विरासत संपत्तियों के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। इसमें ग्वालियर किला, धमनार का ऐतिहासिक समूह, भोजेश्वर महादेव मंदिर भोजपुर, चंबल घाटी का रॉक कला स्थल, खूनी भंडारा बुरहानपुर और रामनगर मंडला का गोड स्मारक शामिल हैं।
इसको लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अपनी एक्स पर पोस्ट कर खुशी जाहिर किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी और अपनी पोस्ट में लिखा है कि UNESCO के विश्व हेरिटेज सेंटर द्वारा भारत की अस्थाई सूची में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध मध्यप्रदेश की 6 संपत्तियों का जोड़ा जाना, हमारे लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
खजुराहो, भीम बैठका और सांची के स्तूप विश्व धरोहर स्थलों में पहले ही शामिल हैं।छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो मंदिर को 1986 में विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था।वहीं सांची के बोद्ध स्तूप को भी 1989 में विश्व धरोहर में शामिल किया गया था जिसका निर्माण सम्राट अशोक ने करवाया था। इसके अलावा ग्वालियर और ओरछा भी विश्व धरोहर शहर में शामिल है।
Updated on:
15 Mar 2024 05:07 pm
Published on:
15 Mar 2024 05:06 pm

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