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भोपाल. विधानसभा में गुरुवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान आसंदी और विपक्ष में तकरार जैसे हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने भाजपा सदस्यों को डांटा, तो नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि आप पेशेंस (धैर्य) रखिए। आपके व्यवहार से हम आहत हैं। यह नहीं सहेंगे।
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सदस्य कुणाल चौधरी ने बोलना शुरू किया, तो भाजपा सदस्य शोर करने लगे। इस पर अध्यक्ष ने नाराज होकर समझाइश दी। दिनेश राय मुनमुन सहित अन्य सदस्य बार-बार समझाइश के बावजूद नहीं माने, तो अध्यक्ष ने कहा कि बैठ जाइए, वरना बाहर निकाल दूंगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव बोलने खड़े हो गए।
लेकिन अध्यक्ष ने जोर से डपटकर में कहा कि ये लोग सदन को खिलौना बना रहे हैं। मैं इंगित कर दूंगा और एक्शन ले लूंगा। अध्यक्ष के इस व्यवहार पर भार्गव बोले- आप धैर्य रखिए। हम रोज-रोज एेसा सहन नहीं करेंगे। इस पर अध्यक्ष ने पांच मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया। साथ ही यह व्यवस्था दी कि संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और नेता प्रतिपक्ष उनसे कक्ष में आकर मिलें। लेकिन मामला शांत होने की बजाए और बढ़ गया।
- विधायकों ने घेरा, तो भार्गव नहीं गए
सदन जैसे ही स्थगित हुआ भाजपा सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष भार्गव को घेर लिया। उन्होंने रोष व्यक्त किया कि एेसा नहीं चलेगा। इससे भार्गव बैठे रहे, इसी बीच पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी आ गए। इसके बाद सदन शुरू हुआ, तब भी भाजपा सदस्य, भार्गव को घेरकर खड़े रहे। अध्यक्ष के कहने पर कांग्रेस सदस्य कुणाल चौधरी ने अपना वक्तव्य शुरू किया। इसी बीच शिवराज ने कहा कि हम आसंदी का सम्मान करते हैं। लेकिन सहने की भी सीमा होती है। लगातार टोका-टोकी ठीक नहीं।
विपक्ष को दबाया नहीं जा सकता। हम दु:खी और आहत हैं। हम अपमानित महसूस कर रहे हैं। हमारी अब चर्चा की इच्छा ही नहीं है। आप चाहे तो बजट पास कर लें। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मेरे दिल में एेसा कुछ नहीं है। मुझे भी यह बोलना अच्छा नहीं लगा।
लेकिन वह क्रिया की प्रतिक्रिया थी। हम अच्छी भावना से आए हैं। नेता प्रतिपक्ष से भी अनुरोध है कि मेरी एेसी कोई भावना नहीं है। आप आहत हैं, तो मैं ज्यादा आहत हूं। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सदन चलाना विपक्ष से ज्यादा पक्ष की जिम्मेदारी है। कई मंत्री अभी भी अपने आप को विधायक समझते हैं। इसलिए बीच में बोलते हैं। आप लोगों को कष्ट हुआ है, तो उसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं।
- आपने डांटा, तो आहत हुआ
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम यहां प्रतिष्ठा-सम्मान और क्षेत्र के लोगों की आवाज उठाने के लिए आते हैं। मेरा कोई निजी स्वार्थ नहीं है। मैंने कोई शराब, खनन या कोई दूसरा लाइसेंस नहीं लिया। सिर्फ शुद्ध राजनीति करता हूं। विधायकों का संरक्षण मेरा कर्तव्य है। लेकिन, आपका व्यवहार एेसा रहा कि आहत हूं। आपने मुझे जैसे डांटा, उससे आहत किया। आपसे संरक्षण चाहते हैं।
लेकिन उम्मीद टूटती है तो दु:ख होता है। बाकी आप समझदार हैं। इस पर आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष ने फिर भार्गव को कहा कि एेसा कुछ नहीं है। आपको डांटा नहीं है। हमारी भावना अच्छी है। कुछ समझाइश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू कर दी गई।
Published on:
20 Dec 2019 07:31 am

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