
भोपाल. मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुके परिवहन विभाग के चेक पोस्ट को केंद्र सरकार कई बार बंद करने के आदेश दिए, लेकिन प्रदेश में परिवहन विभाग चेकपोस्ट बंद नहीं कर रहा है। इसके पीछे वाहन पोर्टल शुरू होने को वजह बताई जा रही है। वही ट्रक ऑपरेटर चेकपोस्ट बंद करने की मांग कर रहे हैं।
देश में जीएसटी लागू होने के बाद एक देश एक टैक्स फॉर्मूला लागू हुआ था। केंद्र सरकार ने सभी चेकपोस्ट बंद करने के लिए सरकार को 2021 में तीन बार पत्र लिखे, लेकिन योजना पर अमल नहीं हुआ। इन आरटीओ चेकपोस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इस व्यवस्था को बंद करने के लिए चेकपोस्ट खत्म किए जा रहे हैं। स्टेट में एंट्री का ऑनलाइन टैक्स जमा होता है, वहीं वाहन पोर्टल पर वाहनों का डेटा होगा। केंद्र का मानना है, रेंडलमी वाहनों की जांच कहीं भी हो सकती है। इस स्थिति में चेकपोस्ट चालू रखने का कोई औचित्य नहीं है।
केंद्र सरकार ने देशभर के वाहनों का डेटा एक जगह रखने के लिए वाहन पोर्टल लांच किया है। चेकपोस्ट बंद होने की स्थिति में हर वाहन की जानकारी वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन होने से कहीं भी चेक हो सकेगी। हर गाड़ी के सभी कागज वाहन पोर्टल पर होंगे। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में वाहन पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। पोर्टल शुरू होने के बाद इस मामले पर निर्णय हो सकता है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मुकेश जैन ने कहा कि वाहन पोर्टल जल्द ही शुरू होगा। वही उन्होंने माना कि केंद्र सरकार के निर्देश मिले है उनका जरूर पालन होगा।
ट्रक ऑपरेटरों की मांग बंद हो चेकपोस्ट
इंदौर संभाग में 3 चेकपोस्ट सेंधवा, निवाली और बुरहानपुर में हैं। यहां से रोज करीब 6 हजार से ज्यादा वाहन रोजाना निकलते हैं। इंदौर ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाती ने बताया कि चेकपोस्ट भ्रष्टाचार का गढ़ बने हुए है। केंद्र के तीन पत्रों के बाद व्यवस्था बंद नहीं की जा रही है। इस मामले में आरटीआई में जानकारी मांगी गई, लेकिन नहीं दी जा रही है।
Published on:
15 Mar 2022 08:25 pm

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