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सरकार किसी की भी बने सबसे पहले नौकरियों के वादों की होगी परीक्षा

विधानसभा चुनावों में नौकरी और बेरोजगारी अहम मुद्दा रहा है। सभी दलों ने अपनी सरकार बनने पर युवाओं को नौकरी का वादा किया है। हर चुनाव प्रचार में बेरोजगारी पर बात भी हुई है। अब जबकि चुनाव खत्म हो चुके हैं तो किसी भी पार्टी की सरकार बने सभी के लिए नौकरी और बेरोजगारी के वादे की सबसे पहली परीक्षा होगी।

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भोपाल. विधानसभा चुनावों में नौकरी और बेरोजगारी अहम मुद्दा रहा है। सभी दलों ने अपनी सरकार बनने पर युवाओं को नौकरी का वादा किया है। हर चुनाव प्रचार में बेरोजगारी पर बात भी हुई है। अब जबकि चुनाव खत्म हो चुके हैं तो किसी भी पार्टी की सरकार बने सभी के लिए नौकरी और बेरोजगारी के वादे की सबसे पहली परीक्षा होगी।

४० लाख से अधिक बेरोजगार
मध्य प्रदेश में तकबरीबन 40 लाख से अधिक बेरोजगारों का पंजीकरण राज्य रोजगार निदेशालय है। खुद भाजपा सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक लिखित उत्तर में कहा था कि मप्र में नौकरी चाहने वालों की संख्या 1 अप्रेल, 2022 को 25.8 लाख से 60 प्रतिशत से बढ़कर 41.8 लाख हो गई है।
४ फीसद ने पहली बार किया मतदान
इस बार के विधानसभा चुनाव में 18-19 साल के करीब ४ प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले हैं। मतदान के वक्त इनकी पहली अपेक्षा अच्छी नौकरी ही थी। इन चार प्रतिशत युवाओं का वोट भाजपा और कांग्रेस की सरकार बनाने में अहम रोल अदा कर सकता है। क्योंकि 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट शेयर का अंतर महज 0.1त्न था।
अवसर और कौशल प्रशिक्षण
पत्रिका सर्वेक्षण में ज्यादातर युवाओं ने यह वादा किया था कि उन्हें आरक्षण और अन्य सहूलियतों के मुकाबलों उस दल को वोट जाएगा जिसके पास नौकरी के अवसरों में सुधार लाने और नौकरियों की तलाश के लिए उचित तरीकों को बढ़ावा देने का स्पष्ट एजेंडा होगा। युवाओं का कहना था कि उन्हें मजबूरी में अपना गृहनगर छोडऩा पड़ता है। क्यों कि शहर में कोई नौकरियां नहीं हैं। युवाओं का कहना था कि उन्हें पहले बेहतर शिक्षा और फिर रोजगार के लिए अपना घर छोडऩा पड़ता है। इससे हमें और हमारे परिवारों को दुख होता है। नौकरियां एक बुनियादी चीज़ है जिसे किसी भी सरकार को उपलब्ध करवानी चाहिए।

राज्य रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत
३७,८०,६७९ शिक्षित
१,१२,४७० अशिक्षित
।एक अप्रेल २०२२ के आंकड़ों के अनुसार)
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भोपाल का हाल
कुल आबादी- 25,65,000
युवा- 13,39,000
स्थायी रोजगार चाहिए-6 लाख को
पूरी तरह बेरोजगार- 44000
शहर में बेरोजगारी की दर 4 फीसदी
प्रदेश में ग्रेजुएट्स में बेरोजगारी दर 11.53 प्रतिशत
मप्र में मई से अगस्त 2022 तक बेरोजगारी दर 3.52त्न रही। इनमें पुरुषों में बेरोजगारी दर 3.48त्न और महिलाओं में 4.91त्न रही।
(सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी की रिर्पोट)

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