दरअसल, शनिवार को अंत्योष्टी की राशि जारी करने के लिए हितग्राहियों द्वारा दिए गए आवेदनों की जांच चल रही थी। तभी, दर्जनभर ऐसे आवेदन मिले, जो जीवित हैं और उनके मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी कर अंत्येष्टि की राशि के लिए आवेदन किया गया है। एक के बाद एक करीब छह ऐसे आवेदन मिले जो जीवित हैं और पंचायत से उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया गया है और उनके नाम पर अंत्येष्टि की राशि के लिए आवेदन किया गया है। इस पूरे फर्जीवाड़े में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की गड़बड़ी बताई जा रही है। ऐसा इसलिए की बिना इनकी सह के मृत्यू प्रमाण-पत्र नहीं बन सकता। पंचायत के आईडी केवल इन्हीं के पास होती है। बूढ़ाडंाड पंचायत में इस तरह का एक मामला सामने आया है, जबकि हर्राचंदेल में एक के बाद एक पांच मामले सामने आए। जिसके बाद सीईओ हरिश्चंद्र द्विवेदी ने हर्राचंदेल के रोजगार सहायक आलोक द्विवेदी एवं बूढ़ाडंाड के सचिव विजयबहादुर बैगा को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है और थाने में एफआईआर के लिए लिखा है।