24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लड़कियों ने सबके सामने कहा- हम दहेज के खिलाफ हैं और जो दहेज की इच्छा रखते हैं वे संपर्क न करें

वैष्णव बैरागी समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मृत्यु भोज, दहेज जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने के लिए उठी आवाज

2 min read
Google source verification
Vaishnav Bairagi Samaj Parichay Sammelan in Bhopal

परिचय सम्मेलन में गूंजा सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प

भोपाल. वैष्णव बैरागी संगठन की ओर से वैष्णव बैरागी समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन शनिवार को मानस भवन श्यामला हिल्स में आयोजित किया गया। इसमें विवाह योग्य युवक युवतियों ने मंच पर आकर परिचय दिया। समाज और देशहित के लिए कई सकारात्मक बदलाव के लिए संकल्प लिए गए।

सम्मेलन में मंत्री पीसी शर्मा, पंजाब सरकार में कैबिनेट दर्जा प्राप्त केके बाबा, राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष पीएल एल बैरागी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित हुए। पीएल बैरागी ने बताया कि इस मौके पर समाज के लोगों ने दोनों हाथ उठाकर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अपनाने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संकल्प लिया। आयोजन समिति के सुनील श्रीवास ने बताया कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को गमले भेंट किए गए।

न दहेज देंगे, ना दहेज लेंगे
सम्मेलन में 80 से अधिक विवाह योग्य युवक-युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 35 से अधिक युवक-युवतियों ने मंच पर आकर परिचय दिया। इस दौरान अनेक युवक-युवतियों ने बेबाकी से अपनी पसंद, नापसंद बताई। कई युवतियों का कहना था कि वे दहेज के खिलाफ हैं और जो लोग दहेज की इच्छा रखते हैं, वे संपर्क न करें। इसी प्रकार युवकों का कहना था कि वे भी दहेज नहीं चाहते, बल्कि एक ऐसा लाइफ पार्टनर चाहते हैं, जो हर सुख दुख में साथ हो और परिवार को साथ लेकर चले। परिचय के दौरान कई परिवारों के बीच बातचीत का सिलसिला भी चला।

मृत्यु भोज, पगड़ी रस्म, दहेज के खिलाफ बुलंद हुई आवाज
परिचय सम्मेलन में समाज की गतिविधियों पर भी विचार मंथन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश वैष्णव ने सभी उपस्थित लोगों से कहा कि समाज से मृत्यु भोज, पगड़ी रस्म, दहेज जैसी सालों से चली आ रही कुरीतियों को खत्म करना चाहिए, ताकि समाज का आर्थिक विकास हो। इस पर समाज के लोगों ने इस पर सहमति जताई। सम्मेलन में मप्र के अलावा राजस्थान सहित अन्य स्थानों से भी समाज के लोगों ने भाग लिया था।