इन सीटों पर रोचक मुकाबला: जिन्होंने ज्योतिरादित्य के लिए विधायकी छोड़ी, अब उनका मुकाबला सिंधिया के 'करीबियों' से

ग्वालियर-चंबल में ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

By: Pawan Tiwari

Published: 18 Oct 2020, 10:10 AM IST

भोपाल. मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में दोनों पार्टियों का फोकस ग्वालियर-चंबल है। इस अंचल की 16 सीटों पर उपचुनाव होना है। इन 16 में से करीब 6 सीटें ऐसी हैं जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों का मुकाबला कभी सिंधिया के करीबी रहे लोगों के साथ है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में विधायकी छोड़ने वाले पूर्व विधायक इस बार भाजपा के उम्मीदवार हैं तो उनके खिलाफ कांग्रेस ने जिन लोगों को टिकट दिया है वह कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास हुआ करते थे।

इन सीटों पर है रोचक मुकाबला
सीट: मुरैना विधानसभा सीट
उम्मीदवार: भाजपा से रघुराज कंसाना और कांग्रेस से राकेश मावई
सिंधिया के खास: पूर्व विधायक रघुराज कंसाना ने ज्योतिरादित्य के लिए विधायकी से इस्तीफा दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश मावई भी कांग्रेस में सिंधिया के खास लोगों में गिने जाते थे।

सीट: ग्वालियर
उम्मीदवार: भाजपा से प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस से सुनील शर्मा
सिंधिया के खास: प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस छोड़ी, जब सिंधिया कांग्रेस में थे तो सुनील शर्मा भी उनके खास हुआ करते थे।

सीट: दिमनी
उम्मीदवार: भाजपा से गिर्राज दंडोतिया और कांग्रेस से रवींद्र सिंह तोमर
सिंधिया के खास: पूर्व विधायक गिर्राज दंडोतिया ने सिंधिया के लिए विधायकी छोड़ी। रवींद्र सिंह तोमर भी कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक रहे हैं।

सीट: मुंगावली
उम्मीदवार: भाजपा से बृजेंद्र सिंह यादव और कांग्रेस से कन्हईराम लोधी
सिंधिया के खास: सिंधिया ने ही कन्हईराम लोधी को कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनवाया था। बृजेंद्र सिंह यादव ने सिंधिया के लिए विधायकी से इस्तीफा दिया।

सीट: पोहरी
उम्मीदवार: भाजपा से सुरेश राठखेड़ा और कांग्रेस से हरिवल्लभ शुक्ला
सिंधिया के खास: ऐसा कहा जाता है कि सिंधिया के कहने पर ही हरिवल्लभ शुक्ला भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए थे। राठखेड़ा ने तो सिंधिया के समर्थन में विधायकी छोड़ दी।

सीट: अशोकनगर
उम्मीदवार: भाजपा से जजपाल सिंह जज्जी और कांग्रेस से आशा दोहरे
सिंधिया के खास: जजपाल सिंह जज्जी और आशा दोहरे दोनों ही सिंधिया समर्थक थे।

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