
भोपाल. भोपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के 29 अगस्त को होने वाले चुनाव की राजधानी के व्यापार जगत में तैयारी तेज हो गई है। चुनाव को लेकर कुछ कड़े नियम तय किए गए है। उन्हीं सदस्यों को वोट डालने का अधिकार मिलेगा जिन्होंने सदस्यता या गतिविधि शुल्क जमा कर दी है।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजधानी के व्यापारियों की बड़ी संस्था है, जिसमें 3600 से ज्यादा सदस्य हैं, लेकिन मतदान का अधिकार 1962 को है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2015 तक सदस्या शुल्क 200 रुपए प्रति वर्ष प्रति सदस्य था, लेकिन 2017 में संस्था की एजीएम में इस राशि को बढ़ाकर 600 रुपए प्रति वर्ष प्रति सदस्य कर दिया गया। राशि जमा कराने के लिए मार्च 2021 तक सभी सदस्यों को पत्र भेजकर सदस्य बनने का मौका दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कई लोग ऐसे है, जिन्होंने निर्धारित तारीख तक शुल्क जमा नहीं किया, लिहाजा उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होगा।
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बढ़ती गई चुनाव की तारीख
संस्था के चुनाव हर तीन वर्ष में होते हैं। पिछला चुनाव 2015 में हुआ था। इसके बाद 2018 में चुनाव होना था, जो लगातार आगे बढ़ता गया। अब 29 अगस्त को चुनाव होंगे। संस्था में अधिसूचना जारी होने तक ललित जैन अध्यक्ष थे। इसके पहले दो पैनलों ने चुनाव लड़ा था लेकिन इस बार तीन पैनल मैदान में अपना भाग्य आजमाने जा रही है। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि एक-एक सदस्य दो से तीन पद पर चुनाव के लिए खड़े हुए है, इसलिए संभवत: दो पैनलों के बीच ही मुकाबला होगा। हालांकि 17 अगस्त तक नाम वापसी के बाद स्थिति साफ हो सकेगी।
चेम्बर के कार्यलयीन सचिव मुकेश सेन ने बताया कि भोपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव 29 अगस्त को लैंडमार्क गार्डन में होने वाले चुनाव में उन्ही सदस्यों को मतदान करने का अधिकार होगा जिन्होंने गतिविधि शुल्क जमा की है। शुल्क जममा नहीं करने वाले संस्था के सदस्य तो रहेंगे पर मतदान नहीं करेंगे।
Published on:
11 Aug 2021 09:40 am
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