
भोपाल। कुछ ही देर पहले वह मेरे साथ घूमकर आया था। मां ने दूध में सेलेरेक घोलकर पिलाना चाहा, लेकिन इससे पहले अर्थव ने पानी मांगा। पानी का घूंट मुंह में जाते में ही उसे ठसका लगा और वह बेहोश हो गया। हम उसे अस्पताल ले गए लेकिन उसने जो एक बार आंखें बंद कीं तो फिर नहीं खोलीं। यह बताते हुए दादा फूल सिंह राजपूत भावुक हो गए।
कोलार इलाके में शनिवार शाम पानी पीते ही बेहोश हुए 19 माह के बच्चे की रविवार शाम मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में श्वांस नली में पानी अटकने की बात सामने आ रही है। मौत के कारणों का सटीक पता लगाने के लिए डॉक्टर्स की सलाह पर परिजनों ने सोमवार को बच्चे का पोस्टमार्टम कराया। कोलार निवासी उदय सिंह राजपूत का डेढ़ साल का बेटा अथर्व परिवार का दुलारा था।
जन्म के बाद कुछ कमजोर रहे अथर्व को स्वास्थ्य सम्बंधी समस्या आने पर परिजनों ने इको टेस्ट कराया था, लेकिन इसके बाद कोई समस्या नहीं आने से वह निश्चिंत हो गए। शनिवार शाम लगभग साढ़े छह बजे पानी पीते ही वह अचानक बेहोश हो गया। एक निजी अस्पताल में उसका लगभग 19 घंटे इलाज चला लेकिन इसके बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका। वहीं डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चे की मौत का कारण सामने लाया जाना जरूरी है जिसके बाद परिजनों ने भी सहमति दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
दिल की बीमारी से पीडि़त था बच्चा
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश मिश्रा का कहना है कि बच्चे के माता-पिता ने उनसे भी संपर्क किया था। बच्चा कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से पीडि़त था। बच्चे में खून की कमी के साथ लिवर भी कमजोर था। ऐसे बच्चे को अगर खून की कमी हो जाए तो कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। रही बात पानी पिलाने से मौत की तो यह पोस्टमार्टम में ही पता लग पाएगा।
Published on:
06 Mar 2018 12:10 pm
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