33 डिग्री के करीब पहुंचा पारा, पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं
भोपाल। शहर में इन दिनों धूप के तेवर तीखे होने लगे हैं। दिन में तीखी धूप अब चुभने लगी है और गर्मी की दस्तक दिखाई देने लगी है। इस माह दूसरी बार अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री यानी 33 डिग्री के करीब पहुंच गया है। फिलहाल चार पांच दिन मौसम शुष्क रहने के साथ ही धूप के तेवर तीखे होने की संभावना है, ऐसे में आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच सकता है। इस बार फरवरी से ही धूप के तेवर दिखाई देने लगे हैं। दिन में तेज धूप खिल रही है,इसके कारण दिन में अब लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है। दिन के साथ-साथ रात में भी सर्दी का असर अब कम होने लगा है। ऐसे में रात में लोगों को धीमी गति में पंखा चलाने की जरूरत पड़ने लगी है।
अधिकतम तापमान में ढाई डिग्री की बढ़ोतरी
बीते दिन अधिकतम तापमान में ढाई डिग्री से अधिक की बढ़ोतरी हुई। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार शनिवार को अधिकतम तापमान 30.1 और न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री दर्ज किया गया था।
यहां पर हो रहा है हल्की ठंड का अहसास
इंदौर शहर में फरवरी से गर्मी का सीजन शुरू हो जाता है और अधिकतम तापमान बढ़ने लगता है। इस साल भी दूसरे सप्ताह में ही अधिकतम पारा 32 डिग्री तक पहुंच गया। इसके बावजूद धूप में भी सर्दी का अहसास हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक इसकी वजह हवा का पेटर्न नहीं बदलना बताते हैं। उनका कहना है, पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी और उत्तर-पूर्वी हवा धूप की गर्माहट में खलल पैदा कर रही है। ठंडी हवा की तीव्रता ज्यादा है और दोपहर तक ठंडक का अहसास होता है। रात का तापमान भी नहीं बढ़ रहा है। मौसम के इस मिजाज ने मालवा की गुलाबी ठंड की याद ताजा कर दी है। फरवरी के 19 दिन में से आठ दिन हवा उत्तरी रही, जबकि पिछले साल हवा का पेटर्न पहले सप्ताह में बदल गया था।
इस साल हवा उत्तर-पूर्वी चल रही है। इससे सुबह ठंडक बनी रहती है। पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं। इनके तीव्रता व इसके बाद हवा का मूवमेंट अहम होता है। यह पश्चिमी होने लगे तो प्रदेश में गर्मी बढती है। इस साल पश्चिमी विक्षोभ के बाद उत्तर में हो रही बर्फबारी का असर गर्मी को प्रभावित कर रहा है। तेज गर्मी के लिए हवा का पेटर्न दक्षिण-पश्चिम होना चाहिए। यह अगले तीन चार दिन में होने की संभावना है।
मौसम में खास परिवर्तन के आसार नहीं
मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार पांच दिन मौसम में खास परिवर्तन के आसार नहीं है। एक पश्चिमी विक्षोभ है, लेकिन इसका असर ज्यादा नहीं है। इसलिए चार पांच दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस समय हवा का रूख उत्तर पश्चिमी है। अगले तीन चार दिन भी तापमान इसी तरह से रहेंगे। इस बार देश के अधिकतर राज्यों में फरवरी माह में ही सूरज अपना रौद्र रूप दिखाने लगा है। इस कारण तापमान में असामान्य वृद्धि होने लगी है। मौसम विभाग ने दो दिन के पूर्वानुमानों में मंगलवार तक गुजरात और महाराष्ट्र-गोवा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थिति की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार अगले दो दिन में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, जम्मू, हिमाचल व उत्तराखंड में तापमान में वृद्धि होगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार फरवरी में असामान्य तापमान देखा गया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का अधिकतम और न्यूनतम तापमान फरवरी में अब तक का सबसे अधिक रेकॉर्ड किया गया। शिमला में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2006 में 22.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था।
पांच साल में फरवरी में तापमान की स्थिति
19 फरवरी 2023- 32.8
26 फरवरी 2022 -33.3
27 फरवरी 2021- 35.5
28 फरवरी 2020 -32.9
21 फरवरी 2019- 35.8
2023 की फरवरी में 19 दिन में हवा का पेटर्न
8 दिन उत्तरी
5 दिन उत्तर-पूर्वी
3 दिन पूर्वी
2 दिन उत्तर-पश्चिमी
1 दिन (10 फरवरी) पश्चिमी
वर्ष 2022 में हवा के हाल
3 दिन उत्तरी
4 दिन उत्तर-पूर्वी
5 दिन पूर्वी
1 दिन पश्चिमी
3 दिन उत्तर-पश्चिमी
2 दिन दक्षिण-पश्चिमी
1 दिन दक्षिण पूर्वी