भोपाल

रिटायरमेंट के दिन तलाक लेने कोर्ट में पहुंची महिला, कहा-‘अब बस इस आदमी से आजादी चाहिए मुझे’

बदल रहा समाज, 70 की उम्र में तलाक की अर्जी...

2 min read
Nov 22, 2022
divorce

भोपाल। किसी भी चीज को सहने की एक सीमा होती है। मैंने जिंदगी के 62 साल निकाल दिए, अब बस आजादी चाहिए। अपने रिटायरमेंट वाले दिन एक महिला ने आकर कुटुंब न्यायालय में यह फरियाद की। जहां एक ओर 60 के पार की उम्र में पति-पत्नी का साथ सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है वहीं दूसरी और एक 62 साल की महिला ने अपने पति से अलग होने का निर्णय लिया। दरअसल, हाल ही में कुटुंब न्यायालय में एक ऐसा केस आया जिसे सुनकर काउंसलर और वकील भी सोच में पड़ गए। अपने पति के गुस्सैल और चिड़चिड़े स्वभाव से तंग आ चुकी पत्नी ने अपनी नौकरी के साथ पति को भी छोडऩे का निर्णय लिया। शादी को 39 साल हो गए। दोनों के नाती-पोते भी हो गए। लेकिन पत्नी शुरू से ही अपने पति के स्वभाव के कारण परेशान रहती थी।

घुट-घुट कर नहीं जीना चाहती

दोनों के बीचकई बार झगड़ा भी हुआ, लेकिन पति नहीं समझे। आखिर में पत्नी ने कहा कि अब बस मैं और घुट-घुट कर नहीं जीना चाहती। कांउसलिंग के दौरान पति ने अपने व्यवहार में सुधार लाने का दावा किया। लेकिन पत्नी अपना मन बना चुकी थी। अंत में दोनों का तलाक हुआ और शाम को रिटायरमेंट पार्टी का सेलिब्रेशन भी हुआ। रीतू पटवा, काउंसलर, कुटुंब न्यायालय, भोपाल का कहना है कि कई बार ऐसे केसेस आते हैं, लेकिन ज्यादातर में समझौता हो जाता है। ये संभवत: ऐसा पहला केस था जहां 60 के ऊपर का जोड़ा पहुंचा और तलाक हुआ। कोर्ट में तलाक के मामले बहुत बढ़ गए हैं। इसलिए प्री-मैरिज काउंसलिंग बेहद जरूरी है।

70 की उम्र में तलाक के लिए लगाई अर्जी

बीते सालों से कई अन्य मामले भी आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में 71 साल की उम्र में पत्नी ने अपने पति के खिलाफ केस दर्ज कराया। कारण था पति और बेटा दोनों बहू का ज्यादा ध्यान रखते थे। बहू ने मां को रखने से मना कर दिया। मां अपनी बेटियों के साथ रह रही थी। ऐसे में भरण-पोषण के लिए तलाक का केस दर्ज करवाया। हालांकि कांउसलिंग के बाद दोनों पति-पत्नी में सुलह हुई और साथ रहने को तैयार हुए।

Published on:
22 Nov 2022 01:42 pm
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