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जिला कलक्टर की अध्यक्षता में निवेश एवं उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

विभिन्न पात्रता प्रमाण पत्र और अनुदान जारी करने का लिया गया निर्णय

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फोटो-पत्रिका

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जिले में औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, राजस्थान एमएसएमई नीति 2024 तथा राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति 2024 के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य उद्योगों को प्रोत्साहन देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना तथा जिले की विशिष्ट उत्पाद पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत प्रकरणों में लाभ शीघ्रता से संबंधित इकाइयों तक पहुंचाया जाए ताकि औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सके।

पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने की स्वीकृति प्रदान
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बैठक के दौरान राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2022 के अंतर्गत मंडी शुल्क में छूट का 1 प्रकरण, विद्युत कर छूट के 2 प्रकरण, ब्याज अनुदान का 1 प्रकरण तथा निवेश अनुदान के 2 प्रकरणों में पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। कुमार ने बताया कि इसी प्रकार राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 के अंतर्गत मंडी शुल्क में छूट के 2 प्रकरण, विद्युत कर छूट के 2 प्रकरण,ब्याज अनुदान के 2 प्रकरण, निवेश अनुदान के 2 प्रकरण, तथा पूंजीगत अनुदान के 1 प्रकरण में पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में राजस्थान एमएसएमई नीति 2024 के अंतर्गत भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।स्कीम फॉर असिस्टेंस टू एमएसएमई फॉर मार्केट डेवलपमेंट के तहत 02 इकाइयों को लाभान्वित करने तथा स्कीम फॉर असिस्टेंस फॉर डिजिटाइजेशन ऑफ़ बिज़नेस प्रोसेस एंड एडॉप्शन ऑफ़ ई -कॉमर्स के तहत 01 इकाई को सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। वहीं राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति 2024 के अंतर्गत मार्जिन मनी अनुदान का 01 प्रकरण तथा गुणवत्ता प्रमाणन एवं मानकीकरण अनुदान के 05 प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उद्योग विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।