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खुले में बह रहा शोधित पानी, उपयोगहो तो बदले शहर की फिजां

पानी की एक-एक बूंद को बचाने और किफायत से उपयोग की बात होती है, लेकिन असल में शहर में रोज लाखों लीटर शोधित पानी व्यर्थ ही बह रहा है। इस शोधित पानी का उपयोग हो, तो रोज पीने के काम आने वाले पानी को बचाया जा सकता है। इस ओर ना जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है और ना ही नगर निगम।

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खुले में बह रहा शोधित पानी, उपयोगहो तो बदले शहर की फिजां

खुले में बह रहा शोधित पानी, उपयोगहो तो बदले शहर की फिजां

विमल छंगाणी

बीकानेर. पानी की एक-एक बूंद को बचाने और किफायत से उपयोग की बात होती है, लेकिन असल में शहर में रोज लाखों लीटर शोधित पानी व्यर्थ ही बह रहा है। इस शोधित पानी का उपयोग हो, तो रोज पीने के काम आने वाले पानी को बचाया जा सकता है। इस ओर ना जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है और ना ही नगर निगम। यहां तक कि नेवेयली थर्मल प्लांट को भी शोधित पानी नहीं दिया जा रहा है। दरअसल, निगम और प्रशासन दोनों ही शोधित पानी के उपयोग को लेकर आश्चर्यजनक रूप से उदासीनता बरत रहे हैं। जिन क्षेत्रों में एसटीपी से शोधित पानी का समुचित उपयोग हो सकता है, उन क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संपर्क तक नहीं किया जा रहा है। शहर के तीनों एसटीपी से रोज शोधित हो रहे लाखों लीटर पानी का उपयोग हो, तो न केवल बड़ी मात्रा में पीने के काम आने वाले पानी को बचाया जा सकता है। बल्कि पार्क, बगीचों, गार्डनिंग, एग्रीकल्चर, कम्युनिटी शौचालय आदि में उपयोग कर शहर की फिजां बदली जा सकती है।

इन कार्यों में हो सकता है उपयोग

औद्योगिक इकाइयों, गार्डनिंग, एग्रीकल्चर, कम्युनिटी टॉयलेट, पीबीएम अस्पताल शौचालय, वाहनों की सफाई, थर्मल पावर प्लांट आदि।

इन स्थानों पर एसटीपी

शहर में तीन स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं। तीनों एसबीआर तकनीक पर आधारित हैं। बल्लभ गार्डन क्षेत्र, कालीमाता मंदिर सुजानदेसर और सरह नथानिया पूगल रोड पर यह एसटीपी स्थापित हैं।

72 एमएलडी की क्षमता

तीनों एसटीपी की कुल क्षमता प्रतिदिन 72 एमएलडी सीवरेज पानी शोधित करने की है। इनमें बल्लभ गार्डन एसटीपी की क्षमता 40 एमएलडी, काली माता मंदिर के पास सुजानदेसर एसटीपी की 20 एमएलडी, सरह नथानिया पूगल रोड एसटीपी की क्षमता 12 एमएलडी है।

28 एमएलडी पानी का रोज शोधन

तीनों एसटीपी से वर्तमान में करीब 28 एमएलडी पानी का ही रोज शोधन हो रहा है। इनमें बल्लभ गार्डन एसटीपी में 15 एमएलडी, काली माता सुजानदेसर एसटीपी में करीब 7 एमएलडी और सरह नथानिया पूगल रोड एसटीपी में करीब 6 एमएलडी पानी रोज शोधित हो रहा है।

बच सकता है लाखों लीटर पेयजल

एक तरफ जहां पीने के पानी की एक-एक बूंद को बचाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर पीने का लाखों लीटर पानी पीने के अलावा दूसरे कार्यों में उपयोग हो रहा है। एसटीपी से शोधित हुए पानी का उपयोग अगर इन कार्यों में किया जाए, तो रोज लाखों लीटर पीने के पानी को बचाया जा सकता है।

मिल सकता है राजस्व

सीवरेज और नाले-नालियों में बह रहे पानी पर निगम का अधिकार है। एसटीपी से रोज शोधित हो रहे लाखों लीटर पानी को बेचकर निगम हर साल लाखों रुपए का राजस्व प्राप्त कर सकता है।

सिरे नहीं चढ़ रही कवायद

एसटीपी से शोधित हुए पानी को लेने के लिए नजदीकी थर्मल पावर प्लांट बाध्य है। नेवेयली लिग्नाइट को शोधित पानी देने की बात निगम लंबे समय से कह रहा है। अब तक यह कवायद सिरे नहीं चढ़ पाई है। अब तक नेवेयली ने एक लीटर पानी भी एसटीपी से नहीं लिया है। वहीं निगम ने एक निजी फर्म से पानी बेचने का एमओयू किया है। निगम अनुसार 8 एमएलडी पानी इस फर्म को बेचा जा रहा है। अगर इस पानी को भी कम कर दिया जाए, तो रोज 28 एमएलडी शोधित पानी में से 20 एमएलडी पानी का निगम उपयोग नहीं कर पा रहा है। वह खुले में ही बह रहा है।

निगम क्षेत्र में एसटीपी -एक स्थिति

03 स्थानों पर है शहर में एसटीपी

72 एमएलडी क्षमता है तीनों एसटीपी की

28 एमएलडी पानी वर्तमान में रोज हो रहा शोधित

08 एमएलडी पानी ही बेच पा रहा निगम

20 एमएलडी शोधित पानी का नहीं हो रहा उपयोग

70 फीसदी शोधित पानी का नहीं हो रहा समुचित उपयोग, निगम बरत रहा उदासीनता