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दीपावली का जश्न हुआ दोगुना, आरजेएस में सफल हुए बीकानेर के युवा, बढ़ गया स्वाद की नगरी में मिठाइयों का स्वाद

सोशल मीडिया के उपयोग के सवाल पर देवयानी ने कहा कि आज सोशल मीडिया समय के हिसाब से जरूरत बन गया गया है, लेकिन मैं तो यही कहूंगी कि कोई काम है तो ही इसका उपयोग करो, वरना पढ़ाई ही जरूरी है।

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स्वाद की नगरी बीकानेर ने दीपावली के ऐन पहले सचमुच पूरी नगरी का मुंह मीठा करा दिया। ऐसा संभव हुआ है आरजेएस परीक्षा क्रैक करके सफलता हासिल करने वाले युवाओं की मेहनत और लगन के परिणाम स्वरूप। लगभग आधा दर्ज युवक-युवतियों ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की। खास बात यह है कि इसमें बेटियों की संख्या अधिक रही। तीसरे प्रहर जैसे ही आरजेएस का रिजल्ट घोषित हुआ, छन-छन कर युवक-युवतियों की सफलता की कहानियां फिजां में तैरने लगी। पत्रिका ने बीकानेर में खबर लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर परीक्षा में बीकानेर टॉपर का तमगा हासिल करने वीली26वींरैंकर देवयानी शर्मा से उनकी सफलता की यात्रा के बारे में जाना।

पढ़ाई के समय सिर्फ पढ़ाई जरूरी

राजस्थान ज्यूडीशियल सर्विस (आरजेएस) में 26 वीं रैंक हासिल करने वाली बीकानेर की देवयानी शर्मा का कहना है कि समय के हिसाब से सोशल मीडिया भी जरूरी है। लेकिन पढ़ाई के समय सिर्फ पढ़ाई ही होनी चाहिए। देवयानी ने अपनी तैयारी और फोकस को लेकर हुई चर्चा में बताया कि रोजाना 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई की और सिर्फ क्या पढ़ना है, उसी पर ध्यान दिया। पिछले चार-पांच साल से बीकानेर से बाहर कोई कार्यक्रम भी आयोजित होता, तो भी उसमें जाने से परहेज करते हुए पढाई को ही चुनती थी। मेरा फोकस क्लीयर था। जब लॉ की पढ़ाई शुरू की थी, तब से लक्ष्य निश्चित था कि बस यही करना है। इसी में अपना करियर बनाना है। उसी का नतीजा है की आज यह परिणाम मिल सका है।

सोशल मीडिया ठीक, पर...

सोशल मीडिया के उपयोग के सवाल पर देवयानी ने कहा कि आज सोशल मीडिया समय के हिसाब से जरूरत बन गया गया है, लेकिन मैं तो यही कहूंगी कि कोई काम है तो ही इसका उपयोग करो, वरना पढ़ाई ही जरूरी है। अगर 85 फीसदी पढ़ाई कर ली, तो आप सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं। देवयानी ने बताया कि आरजेएस की प्रेरणा दादा गिरधारीलाल शर्मा से मिली। साथ ही अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने कॉलेज प्राचार्य अंनत जोशी, बिट्ठल बिस्सा, नवरत्न सिंह, डॉ. अनिल कौशिक तथा संजीव पुरोहित को दिया।

यह भी हुए सफल

डॉ. अनंत जोशी ने बताया कि बीकानेर की भूमिका पारीक ने 43 वीं, आदित्य व्यास ने 47 वीं, शैली आचार्य ने 57 वीं रैंक, महिमा दुग्गड़ ने 91 वीं रैंक हासिल की। वहीं बीकानेर की ही पूजा जनागल ने 191 वीं रैंक हासिल की। पूजा ने सरकारी नौकरी के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की। परिणाम आने के साथ ही परिवार और स्थानीय लोगों ने लोगों ने मिठाई खिलाकर स्वागत किया।