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पेंशन और कोठी के बाद भी अपराध की राह! आखिर क्या मजबूरी थी 75 साल की बुजुर्ग महिला की

पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण लिंग जांच पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त सजा का प्रावधान है।

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बीकानेर: राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने अंतरराज्यीय ऑपरेशन के तहत पंजाब के अबोहर में एक सेवानिवृत्त नर्स को भ्रूण लिंग जांच करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. भारती दीक्षित के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली गई है। आरोपी नर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि जांच सेंटर के डॉक्टर की भूमिका को लेकर पड़ताल जारी है।

बीकानेर से अबोहर तक ऑपरेशन

बीकानेर पीसीपीएनडीटी सेल के जिला कार्यक्रम समन्वयक महेन्द्र सिंह चारण द्वारा दी गई गोपनीय सूचना के आधार पर योजना बनाई गई। श्रीगंगानगर का दलाल राजीव कुमार गर्भवती महिलाओं को अबोहर ले जाकर अवैध लिंग परीक्षण करवा रहा था। पीबीआई थाना के एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि इस सूचना के आधार पर एक डिकॉय महिला को 5,000 रुपये एडवांस देकर भेजा गया।

72 वर्षीय सेवानिवृत्त नर्स ने लिया 35,000 रुपये, मांगी "बधाई" भी

डिकॉय महिला को आरोपी नर्स शारदा देवी ओबेरॉय (72), निवासी सुंदर नगरी, अबोहर, ने महालक्ष्मी अल्ट्रासाउंड सेंटर में 35,000 रुपये में भ्रूण लिंग जांच की पेशकश की। जांच के बाद उसने "बधाई" के नाम पर 1,000 रुपये और मांगे। जैसे ही इशारा मिला, टीम ने शारदा देवी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

डॉक्टर ने जताई अनभिज्ञता, लेकिन जांच में सवाल

जहां यह जांच की गई, वह सेंटर डॉक्टर मनीष शर्मा का है। उन्होंने अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
हालांकि, पीसीपीएनडीटी नियमों के तहत एफ-फॉर्म न भरने और अन्य अनियमितताओं के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन सीज कर दी गई है। डॉक्टर की भूमिका की उच्चस्तरीय टीम द्वारा गहन जांच की जा रही है।

पेशेवर पृष्ठभूमि, फिर भी अपराध में सक्रिय!

आरोपी शारदा देवी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार के सदस्य प्रतिष्ठित नौकरियों में हैं, खुद की कोठी और पेंशन होने के बावजूद वह वर्षों से गैरकानूनी गतिविधियों में सक्रिय थीं। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया है कि वह गर्भपात (अबॉर्शन) भी करती थी। दलाल राजीव कुमार, जो गर्भवती महिलाओं को अबोहर लाकर यह गैरकानूनी जांच करवा रहा था, फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।