12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब कैसे बचोगे…नशेड़ियों के खून की जांच करेगी यह मशीन, होगा खुलासा कितनी मात्रा में लिया है नशा

मशीन अभी परीक्षण के आखिरी दौर में है। इस मशीन से पीबीएम में मादक पदार्थ जैसे डोडा-पोस्त, अफीम, गांजा, एमडी का नशा करने वालों की जांच कर पता लगाया जाएगा कि नशेड़ी के खून में नशे की मात्रा कितनी घुल चुकी है। इसके अलावा चोरी-छिपे नशा लाने वाले को भी पकड़ा जाएगा।

less than 1 minute read
Google source verification

नशा सामग्री बेचने वालों के खिलाफ पुलिस के साथ-साथ अब चिकित्सा महकमा भी कार्रवाई करेगा। एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन शिव किसनमिंडाराम दम्माणी मानसिक रोग विभाग में ऑटो एनालाइजर फॉर क्लीनिकल कैमेस्ट्री फॉर ड्रग ऑफ एब्यूज टेस्टिंग मशीन (ड्रग एनालाइजर) लगवा रहा है। मशीन अभी परीक्षण के आखिरी दौर में है। इस मशीन से पीबीएम में मादक पदार्थ जैसे डोडा-पोस्त, अफीम, गांजा, एमडी का नशा करने वालों की जांच कर पता लगाया जाएगा कि नशेड़ी के खून में नशे की मात्रा कितनी घुल चुकी है। इसके अलावा चोरी-छिपे नशा लाने वाले को भी पकड़ा जाएगा।

कारगर साबित होगी मशीन

एसपी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के शिवकिशनमिंडाराम दम्माणी मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभागाध्यक्ष डॉ. हरफूल बिश्नोई के मुताबिक, फिलहाल मशीन का ट्रायल पूरा हाे चुका है। अब मरीजों की जांचें की जा रही हैं। इस मशीन से मरीज का 300 माइक्रो लीटर रक्त लेकर 12 प्रकार की जांचें की जा सकेंगी। संभवत: बीकानेर मेडिकल कॉलेज प्रदेश में पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसमें यह मशीन स्थापित की गई है। मशीन की कीमत करीब 35 लाख रुपए है। यह मशीन मरीजों के उपचार में कारगर साबित होगी। विभाग के तकनीकी सहायक प्रवीण ठाकुर व भूराराम मेघवाल को मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है।

यह जांचें हो सकेंगी

ड्रग एनालाइजर मशीन से अफीम, डोडा-पोस्त, भांग-गांजा (कैनावीज वर्ग), शराब (एल्कोहल), नींद की दवाओं (बेंजोडायजेपीन वर्ग), एमडी जैसे रासायनिक संश्लेषित पदार्थ (एमफेटामाइन वर्ग) की रक्त व मूत्र के नूमनों से जांच की जा सकेगी, जिससे पीडि़त व्यक्ति के शरीर में उपस्थित मादक पदार्थ की मात्रा का पता लगाकर उपचार किया जा सकेगा।