
farmers waiting crop insurance claim
रितेश यादव
खाजूवाला. बीकानेर . प्राकृतिक आपदा के समय फसल के मुआवजे के लिए किसान फसल बीमा करवाता है। बीमा कम्पनियां किसानों के खातों से प्रीमियम तो ले लेती है लेकिन जब किसान की फसल खराब हो जाती है तब उस फसल का मुआवजा देने में पीछे हट जाती है। बीकानेर जिले में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हाल कुछ ऐसा ही है।
यह है बीमा प्रीमियम का प्रावधान
भारत सरकार की ओर से 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मंजूरी दी गई थी। इसमें किसानों के खातों से कुछ प्रीमियम कटता है। इसके अन्तर्गत प्राकृतिक आपदा एवं प्रतिकूल मौसम के प्रभाव के कारण फसल को होने वाली सम्भावित वित्तीय हानि की क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी करती है।
इसमें सभी प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी) को शामिल किया गया है। खरीफ (धान या चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना) की फसलों के लिए दो प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जाता है। रबी (गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों) की फसल के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान का प्रावधान है।
वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसल बीमा के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा। कम्पनियों के अनुसार केन्द्र व राज्य सरकार के प्रीमियम हिस्सा राशि नहीं आने के कारण किसानों को क्लेम नहीं दिया जा रहा है।
बीकानेर जिले के साथ सौतला व्यवहार
बीकानेर जिले के साथ बीमा कम्पनियों ने सौतेला व्यवहार कर किसानों को आज तक क्लेम नहीं दिया है। जबकि बाड़मेर व नागौर जिले में इन कम्पनियों द्वारा किसानों को क्लेम दिया गया है। बीकानेर जिले में वर्ष 2017 व 2018 में कोई क्लेम नहीं दिया गया है। इस बार फिर रबी-2019 की फसल का प्रीमियम राशि भी कम्पनी द्वारा किसानों के खातों से काट ली गई है।
बीकानेर में डेढ़ साल में फसलों का प्रीमियम
बीकानेर जिले में रबी 2017-18 में जिले में करीब 2 लाख 85 हजार 803 किसानों ने अपने खेतों में फसल का बिजान किया। इनमें से चिन्हित किसान ६३ हजार २११ के खातों से बीमा के नाम पर रुपए काटे गए।
जिले में रबी फसली क्षेत्र में करीब4 लाख 85 हजार 580 किसानों ने बिजान किया। रबी 2017-18 बीमित राशि के रूप में करीब 35510.51 लाख रुपए का प्रीमियम एकत्र किया गया। इसके लिए बजाज आलियांस कम्पनी को ठेका मिला था लेकिन कम्पनी ने जिले में फसल खराबे के समय किसी भी किसान को क्लेम नहीं दिया।
खरीफ 2018 में बीकानेर जिले में करीब 99 हजार 867 किसानों के खातों से बीमा के नाम पर प्रीमियम काटा गया और करीब 2 लाख 85 हजार 803 किसानों ने इस वर्ष अपने खेतों में खरीफ की फसल का बिजान किया था।
जिले में खरीफ फसली क्षेत्र में करीब 14 लाख 67 हजार 730 किसानों ने फसल बिजान किया। इन किसानों से प्रीमियम के नाम पर करीब 72801.51 लाख रुपए खातों से काटे गए। इस वर्ष एचडीएफसी एग्रो कम्पनी को ठेका दिया गया था लेकिन कम्पनी से जिले में किसी भी किसान को क्लेम नहीं दिया।
700 करोड़ का मिलना था क्लेम
सांख्यिकी विभाग के अनुसार इस वर्ष बीमा कम्पनी को ७०० करोड़ का क्लेम देना था। इसमें खरीफ 2018 में ग्वार में 70 किलो बीघा से नीचे की फसल को घाटा मानकर किसान को क्लेम देने का प्रावधान है।
यह बीकानेर जिले में 225 पटवार मंडल में नुकसान हुआ था। वहीं मूंगफली में 5 क्विंटल प्रति बीघा की मानकर जिले में 140 पटवार मण्डल में घाटा सामने आया था। बाजरा में 80 किलो प्रतिबीघा है। इसमें 180 पटवार मंडल में नुकसान हुआ। मोठ 60 किलो प्रतिबीघा का बारानी का जिले में 200 पटवार मण्डल में घाटा हुआ।
वहीं मूंग एक क्विंटल प्रतिबीघा के हिसाब से 100 पटवार मंडल नोखा व श्रीडूंगरगढ़ में घाटा सामने आया। रबी 2019 में जिलेभर में प्रीमियम करीब 94 करोड़ 97 लाख 6 हजार 150 रुपए एकत्र हुआ। इसमें बीमित हेक्टेयर करीब 1 लाख 56 हजार 208 में बिजान हुआ।
इसका ठेका टाटा एआईजी कम्पनी को दिया गया है। रबी के 2018-19 में आंधी से जिले के 857 किसान प्रभावित हुए हैं। जिन्होंने अपना क्लेम दर्ज करवाया है।
इनका कहना है
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्र्तगत किसानों के खातों से बीमा कम्पनियों द्वारा हर बार प्रीमियम के नाम पर करोड़ों रुपए ले लिए जाते हैं लेकिन जब किसान को इस योजना का लाभ देना होता है तब ये कम्पनियां क्लेम रोक लेती है। फसल बीमा योजना के क्लेम में कोई खामी रही है तो उसको सरकार तुरन्त सुधार कर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
शम्भू सिंह, जिला महामंत्री, भारतीय किसान संघ बीकानेर।
योजना के तहत क्लेम नहीं मिलने से किसानों में रोष व्याप्त है। विभाग राज्य सरकार से सम्पर्क बनाए है। जल्द क्लेम किसानों को दिलवाने की कार्यवाही की जा रही है।
जगदीश पूनिया, उपनिदेशक कृषि विस्तार, बीकानेर।
राज्य सरकार को अवगत करवाया
बीमा कम्पनियों को अधिकतर अंशदान केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है। केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से बीमा कम्पनियों को भुगतान नहीं होने की वजह से क्लेम रुका हुआ है, फसल बीमा का क्लेम नहीं मिलने के संबंध में राज्य सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
कुमार पाल गौतम, जिला कलक्टर बीकानेर
Published on:
30 Jun 2019 01:29 am
