
बीकानेर के नोखा कस्बे के जिला अस्पताल में नसबंदी करवाने पहुंची गैलेरी में बैठी महिलाएं।
नसबंदी शिविर में दिखी अव्यवस्थाएं, ऑपरेशन के बाद बिना बेडशीट के लिटाया बेड पर
गर्मी का मौसम आते ही नसबंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचने लगी हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं करने के कारण महिलाओं को परेशानी हो रही है। तय संख्या से अधिक पंजीयन कर अधिकारी शिविर के माध्यम से लक्ष्य पूरा करने की जुगत में लगे हैं।
शुक्रवार को नोखा के राजकीय जिला अस्पताल में परिवार नियोजन के तहत नसबंदी शिविर लगाया गया। बीकानेर से आई रुद्राक्ष फाउंडेशन की टीम की ओर से कुल 57 पंजीयन में से 55 महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन किए गए। इस दौरान अस्पताल में लापरवाही और अव्यवस्थाएं देखने को मिली। नसबंदी ऑपरेशन कराने के लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्र से महिलाएं सुबह से ही अस्पताल पहुंचने लगी थीं। महिलाओं के लिए अस्पताल में बैठने की उचित व्यवस्था भी नहीं थी। महिलाएं अस्पताल की गैलेरी में फर्श पर बैठी रहीं। उनके परिजन और बच्चे भी फर्श पर बैठे दिखाई दिए। गैलेरी में बैठने के लिए कुर्सी, बेंच लगाना, तो दूर दरियां तक नहीं बिछाई गई। गर्मी में पंखे, कूलर और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ऑपरेशन के बाद महिलाओं को व्हील चेयर पर बैठाकर उनके परिजन ही वार्ड में ले जाकर शिफ्ट कर रहे थे। वहां बेड पर बेडशीट नहीं थी, बिना बेडशीट बिछाए ही ऑपरेशन वाली महिलाओं को लेटाया जा रहा था। वार्ड में भी पंखे व कूलर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से गर्मी में महिलाएं कपड़े से हवा करती नजर आई। अव्यवस्था के बीच ही महिलाओं के नसबंदी आपॅरेशन करने से सुरक्षित बंध्याकरण पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
स्ट्रेचर के बजाय व्हील चेयर पर ले गए
शिविर में नसबंदी ऑपरेशन करने के बाद महिलाओं को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए स्ट्रेचर पर लेटाकर नहीं ले जाया गया, बल्कि बेहोशी की हालत में ही महिला को व्हील चेयर पर ही बैठाकर ले जाया जा रहा था। कुछ महिलाओं को तो उनके परिजन व्हील चेयर पर बैठाकर वार्ड में शिफ्ट करते देखे गए।
व्यवस्थाओं की खुली पोल
जिलेभर में ग्रामीण अंचल का सबसे बड़ा नोखा का राजकीय जिला अस्पताल होने से यहां पर वैसे ही मरीजों की भीड़ रहती है। शहर सहित आसपास के गांवों से रोजाना सैकड़ों मरीज यहां इलाज कराने आते हैं। रोजाना की ओपीडी 1200 से ऊपर की रहती है। शुक्रवार को नसबंदी शिविर होने से इस संख्या में और इजाफा हो गया। शिविर में नसबंदी कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों की अस्पताल गैलेरी में भीड़ हो गई, वो नीचे फर्श पर ही बैठ गए, जिससे अव्यवस्था हुई। गैलेरी में मरीजों को आवागमन करने में परेशानी हुई।
जांच कर करेंगे कार्रवाई
नसबंदी शिविर में व्यवस्थाएं करने के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए थे। यदि कहीं लापरवाही रही है तो इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। अगले शिविर में कोई अव्यवस्था नहीं होगी।
-डॉ सुनील बोथरा, प्रभारी राजकीय जिला अस्पताल नोखा।
Published on:
27 Apr 2024 12:48 am
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