कार्रवाई: 600 लीटर कच्ची शराब, 680 किलो महुआ व शराब बनाने के बर्तन जब्त
बिलासपुर. चकरभाठा पुलिस ने शुक्रवार तडक़े ग्राम नगाराडीह में दबिश देकर कच्ची शराब बना रहे आधा दर्जन युवक व 2 किशोरों को पकड़ा। आरोपियों से 600 लीटर कच्ची शराब, 680 किलो महुआ लहान व शराब बनाने के बर्तन जब्त किए गए। आरोपियों के खिलाफ आकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। चकरभाठा थाना प्रभारी करीम खान के अनुसार, गुरुवार रात थाने में मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम नगाराडीह में रहने वाले आधा दर्जन से अधिक लोग कच्ची शराब बना रहे हैं। शराब दूसरे गांवों में पहुंचाई जा रही है। चकरभाठा पुलिस ने शुक्रवार तडक़े 5 बजे गांव में दबिश दी। गांव में अलग-अलग स्थानों पर खेत में शराब बना रहे आधा दर्जन युवकों को पकड़ा गया। 17 वर्षीय 2 किशोर भी शराब बनाते मिले। आरोपियों से 600 लीटर कच्ची शराब, 680 किलो महुआ लहान और भारी मात्रा में शराब बनाने में उपयोग किए गए बर्तन जब्त किए गए।
खेत में छिपाकर बना रहे थे शराब
शुक्रवार तडक़े पुलिस ने जब गांव में घेराबंदी की तो अधिकांश ग्रामीणों के घर बंद थे। गांव में महुआ शराब की गंध आ रही थी। पुलिस ने जिन मकानों के पीछे से धुंआ उठाता देखा उन मकानों में रेड की। घर के पीछे खेत में आरोपी कच्ची शराब बनाते मिले।
नाली व नाले में छिपाकर रखी थी शराब
आरोपियों ने शराब बनाने के बाद गांव में ही झाडिय़ों व नाले-नालियों में जेरिकेन में भरकर शराब छिपाकर रखी थी। आरोपियों ने पूछताछ में पता चला तो पुलिस ने नाले-नालियों और झाडिय़ों में छिपाकर रखी गई 600 लीटर कच्ची शराब जब्त की।
आरोपी जब्त शराब और महुआ लहान
गोविंद प्रसाद पिता तीजराम बंजारे (35) 100 लीटर कच्ची शराब व 140 किलो महुआ
परमेश्वर डहरिया पिता तिजउराम (26) 60 लीटर कच्ची शराब व 60 किलो महुआ
दिलीप भार्गव पिता सुखनंदन (20) 40 किलो कच्ची शराब व 60 किलो महुआ
अरूण जगत पिता मनहरण (20) 60 लीटर कच्ची शराब व 60 किलो महुआ
17-17 वर्षीय 2 किशोर 200 लीटर कच्ची शराब व 280 किलो महुआ
नरोत्तम मरावी पिता गेंदराम (23) 100 लीटर कच्ची शराब व 80 किलो महुआ
किरण कुमार रात्रे पिता रामलाल (37) 40 लीटर कच्ची शराब
दो महीने पहले मिली थी 500 लीटर कच्ची शराब: दो महीने पूर्व पुलिस ने ग्राम नगाराडीह में दबिश देकर 500 लीटर कच्ची शराब समेत एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने ग्रामीणों को दोबारा शराब बनाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी ग्रामीण फिर से कच्ची शराब बनाने लगे थे।