वन विभाग द्वारा उनके क्षेत्र में तालाब, सड़क, तार फेंसिंग, खाद, पौधे के नाम पर हर साल करोंड़ो रुपए का बजट खर्च किया जाता है। इसमें संबंधित अधिकारी यह कार्य अपने चहेते ठेकेदार को ही देते हैं। दैनिक वेतन भोगियों का कहना है कि विभाग के बाद ऐसे लाखों करोड़ों का बिल देने के लिए पैसा है, लेकिन महज कुछ हजार की तनख्वाह पाने वाले कर्मचारियों के लिए बजट नहीं है।