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डीएफओ बोले, सीनियर कर्मियों को छोड़कर बाकी दैनिक वेतनभोगियों को नौकरी से निकाल दो

वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों को तीन महीने से वेतन न मिलने से पहले ही उनका एकाउंट खाली था और जब वेतन मिलने की बारी नजदीक आती दिखी तो विभाग ने उन्हें नौकरी से ही निकालने का फरमान सुना दिया।

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Kajal Kiran Kashyap

Jan 07, 2017

forrest department

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बिलासपुर.
वनमंडलाधिकारी कार्यालय बिलासपुर के अंतर्गत कार्यरत लभग 170 देनिक वेतन भोगियों की पेट पर लात पडऩे वाली है। इन लोगों को विभाग ने पहले ही तीन महीने से वेतन नहीं दिया और जब उन्होंने वेतन भुगतान को लेकर दबाव बनाया तो डीएफओ ने साफ तौर पर एसडीओ और रेंजर से कह दिया कि कुछ सीनियर कर्मचारियों को छोड़कर बाकी की सेवा समाप्त कर दो। वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों को तीन महीने से वेतन न मिलने से पहले ही उनका एकाउंट खाली था और जब वेतन मिलने की बारी नजदीक आती दिखी तो विभाग ने उन्हें नौकरी से ही निकालने का फरमान सुना दिया।


तीन महीने से लगभग सभी दैनिक वेतन भोगी डीएफओ के पास जाकर गुहार लगा रहे हैं। डीएफओ ने सीसीएफ से बात की, तो उन्होंने कहा कि विभाग में बजट नहीं है। जैसे भुगतान करना है करें। इस पर डीएफओ ने सभी रेंजर और एसडीओ कहा कि छंटनी करते हुए कुछ लोगों को छोड़कर सभी को नौकरी से निकाल दो।


लाखों करोड़ों के भुगतान का है बजट

वन विभाग द्वारा उनके क्षेत्र में तालाब, सड़क, तार फेंसिंग, खाद, पौधे के नाम पर हर साल करोंड़ो रुपए का बजट खर्च किया जाता है। इसमें संबंधित अधिकारी यह कार्य अपने चहेते ठेकेदार को ही देते हैं। दैनिक वेतन भोगियों का कहना है कि विभाग के बाद ऐसे लाखों करोड़ों का बिल देने के लिए पैसा है, लेकिन महज कुछ हजार की तनख्वाह पाने वाले कर्मचारियों के लिए बजट नहीं है।


दैनिक वेतन भोगियों को वेतन न मिलने की शिकायत मिली थी। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से भी चर्चा हुई, लेकिन बजट न होने से उन्हें वेतन नहीं दे पा रहे। रेंजर और एसडीओ निर्देशित किया है कि वेतन भुगतान करके कर्मचारियों को सेवा समाप्त करें।

एसके पैकरा, डीएफओ बिलासपुर

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