लोक निर्माण विभाग के बिल्डिंग एवं रोड शाखा अंतर्गत बिलासपुर डिवीजन एक में एसडीओ की कुर्सी को लेकर दो इंजीनियरों के बीच जंग छिड़ी है। यहां सब डिवीजन-2 में तत्कालीन प्रभारी एसडीओ पीएस क्षत्री और शासन के ट्रांसफर आदेश से मुंगेली से यहां आए एसडीओ उमेश नायक लड़ रहे हैं। डिवीजन एक के ईई एम प्रसाद ने पीएस क्षत्री को चार्ज देने के लिए नोटिस भी दिया है, लेकिन वे चार्ज न देने पर अड़े है। पीडब्ल्यूडी छत्तीसगढ़ शासन से कुछ महीने पहले राज्य भर के एसडीओ और सब इंजीनियर्स की तबादला सूची जारी की गई थी। इस आदेश के तहत सब डिवीजन-2 का एसडीओ मुंगेली के एसडीओ उमेश नायक को बनाया गया था। उमेश नायक मुंगेली एसडीओ का चार्ज देकर बिलासपुर सब डिवीजन-2 का चार्ज लेने पहुंचे तो प्रभारी एसडीओ ने उन्हें चार्ज देने से मना कर दिया। उमेश नायक ने ईई एम प्रसाद के समक्ष अपनी ज्वाइनिंग देते हुए चार्ज न मिलने की शिकायत की। ईई ने क्षत्री को पत्र लिखकर नायक को एसडीओ का चार्ज सौंपने का निर्देश दिया, लेकिन क्षत्री ने ईई के आदेश को भी कचरे की टोकरी में डाल दिया। उसके बाद चार्ज लेने और न देने की लड़ाई पिछले 15 दिन से बढ़ती ही जा रही है।
सीई की कुर्सी के लिए भी हो चुकी है तालाबंदी
लगभग दो साल पहले भी वर्तमान में पीडब्ल्यूडी सेतु के मुख्य अभियंता एसके कोरी और रायपुर संभाग के मुख्य अभियंता एसके शर्मा के बीच कुर्सी को लेकर जंग छिड़ी थी और दोनों अधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय में अपना-अपना ताला जड़ दिया था। बाद में शासन ने वहां से दोनों को हटाकर वीके भतपहरी को मुख्य अभियंता बिलासपुर बनाया था।
दोनों एसडीओ की लड़ाई में सब डिवीजन-2 के अंतर्गत चल रहे सभी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दोनों ही इंजीनियर अपने आपको एसडीओ घोषित कर रहे हैं। ऐसे में ठेकेदार और कर्मचारियों के सामने समस्या यह खड़ी हो गई है कि वे किससे काम कराएं।
क्षत्री को बड़े अधिकारी की शह
कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि पीएस क्षत्री के ऊपर किसी बड़े अधिकारी हाथ है, तभी वह शासन के आदेश को चुनौती देकर एसडीओ का चार्ज संबंधित एसडीओ को नहीं दे रहा है। जबकि कार्यपालन अभियंता एम प्रसाद का कहना है कि हाईकोर्ट ने एसडीओ का प्रभार वरिष्ठता क्रम पर देने का आदेश दिया था। इस पर पीएस क्षत्री को प्रभार दिया गया था। लेकिन अब जब शासन से नियमित एसडीओ की पदस्थापना कर दी है तो क्षत्री को अपने पुराने पद पर काम करना चाहिए।