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लायसेंस मिल भी जाए तब भी दिल्ली रहेगी दूर

chakarbhata airport: यदि मिल भी गया 3-सी एयरपोर्ट तो इसके बाद भी बिलासपुर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई रहेंगे दूर

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लायसेंस मिल भी जाए तब भी दिल्ली रहेगी दूर

लायसेंस मिल भी जाए तब भी दिल्ली रहेगी दूर

बिलासपुर . भले ढिंढोरा पीट लें कि थ्रीसी केटेगरी का लायसेंस मिलने वाला है, अब दिल्ली दूर नहीं लेकिन हकीकत ये है कि यदि थ्री सी लायसेंस इस एयरपोर्ट को मिल भी गया तो इसके बाद भी इसके मानक के अनुसार बिलासपुर से महानगर दूर ही रहेंगे, आपको वहां जाने के लिए रायपुर ही जाना होगा।

चकरभाठा विमानतल को अब 2 सी से 3 सी श्रेणी के लिए कवायद शुरू हो गई है। एक पायदान उन्नत होने के बाद भी इस एयरपोर्ट से सीधे नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई के लिए सीधे उड़ान नहीं भर सकेंगे । 4 फरवरी को चकरभाठा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण करने के लिए टेंडर खुलेगा। इसके बाद ही रन-वे, पेरीफेरी क्षेत्र का कार्य प्रारंभ हो सकेगा।

बिलासपुर से नियमित विमान सेवा के लिए पिछले तीन वर्ष से लगातार कवायद चल रही है। चकरभाठा की हवाई पट्टी को हवाई अड्डा बनाने के लिए जोर-शोर से अभियान शुरू किया गया। पूर्ववर्ती सरकार ने यहां से हवाई सेवा शुरू करने के लिए दो साल पहले पहल की थी। कई दौर में चकरभाठा से विमान सेवा को लेकर एयरपोर्ट अॅथारिटी के कोलकाता, नई दिल्ली, मुंबई से अधिकारियों की टीम पहुंची । लेकिन यह कार्य पूरा नहीं हो सका । आखिरकार राज्य में सत्ता परिवर्तन हो गया । नई सरकार के आने के बाद फिर से बिलासपुर से हवाई सेवा शुरू करने की मांग ने जोर पकड़ी । यहां के जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने इस सुविधा को लेकर लगातार रायपुर, नई दिल्ली तक आवाज उठाई गई पर अब तक इसका सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

क्या है 2 व 3 सी
एयरपोर्ट अॅथारिटी के नजरिए से हवाई अड्डे की श्रेणी के अनुरूप और उसके रन-वे की लम्बाई -चौड़ाई के आधार पर यह तय होती है। चकरभाठा हवाई पट्टी को पहले जितने भी कवायद की गई थी वह 2 सी श्रेणी के लिए की गई थी। इस श्रेणी में अंतर जिला विमान सेवा शुरू किया जा सकता है। 2 सी में राज्य के भीतर ही इंटर कनेक्टिविटी विमान सेवा की सुविधाएं मिलती है। मसलन बिलासपुर से अंबिकापुर, रायपुर, जगदलपुर आदि जिला मुख्यालयों तक यह सेवा सीमित रहती । इसी बीच चकरभाठा विमानतल को 3 सी श्रेणी में उन्नत करने की बात सामने आई । इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार के बीच मामला उलझा गया। आखिरकार राज्य सरकार ने चकरभाठा विमानतल को 3 सी श्रेणी का विमानतल बनाने के लिए करीब 27 करोड़ रुपए मंजूर किए है। अब इस श्रेणी में विमानतल के रन-वे एवं पेरी फेरी को उन्नत करने में अगले 6 माह और लगेगा । 3 सी विमानतल होने के बाद चकरभाठा का हवाई अड्डा अंतराज्यीय स्तर का हो जाएगा। लेकिन देश के महानगरों के लिए सीधे विमान सेवा फिर भी मुहैया नहीं हो पाएगी।


3 सी का ये है दायरा

नियमित विमान सेवा में चकरभाठा विमानतल उन्नत होने के बाद इसके उड़ान का दायरा सीमित रहेगा। एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 3 सी के विमानतल से उड़ान का दायरा एयर डिस्टेंस 600 किलोमीटर रहता है। इस लिहाज से यहां देश के महानगरों तक जाने के लिए सीधे विमान सेवा की सुविधा नहीं मिलेगी। चकरभाठा से नई दिल्ली का एयर डिस्टेंस 877 किमी. , कोलकाता 645 किमी. , मुंबई 1002 किमी. , बंगलुरू 1131 किमी. एवं चेन्नई 1026 किमी. है।

इन शहरों के लिए मिलेगी सुविधा
चकरभाठा से सीधे विमान सेवा इन शहरों के लिए मिल सकेगी । इनमें पटना, रांची, जमशेदपुर, हैदराबाद, भोपाल, नागपुर , इंदौर आदि शामिल है। इन शहरों का बिलासपुर से एयर डिस्टेंश 6 सौ किमी. के दायरे में है।


साध ली चुप्पी

बिलासपुर से नियमित विमान सेवा और 3 सी श्रेणी को लेकर राज्य विमानन विभाग, जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अॅथारिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों से सेलफोन से संपर्क किया गया। इन विभागों के अधिकारियों ने सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बचने का प्रयास करते रहे। हर अधिकारी इस मामले में किसी भी प्रकार का अधिकृत तौर पर बात कहने से बचने लगे ।