Delhi's new flight from bilaspur : बिलासपुर दिल्ली फ्लाइट शुरू होने के बाद अब सप्ताह में एक दिन सोमवार को कोई फ्लाइट नहीं होगी
बिलासपुर. Delhi's new flight from bilaspur : इंदौर-बिलासपुर फ्लाइट बंद होने के 7 महीने बाद बिलासपुर से दिल्ली के लिए नई फ्लाइट 31 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी। यह फ्लाइट मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को उड़ान भरेगी। दिल्ली आने-जाने में अब सिर्फ सवा घंटे ही लगेंगे।इधर बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली फ्लाइट अब बुधवार, शुक्रवार और रविवार को उड़ेगी।
Delhi's new flight from bilaspur : बिलासपुर दिल्ली फ्लाइट शुरू होने के बाद अब सप्ताह में एक दिन सोमवार को कोई फ्लाइट नहीं होगी । प्रयागराज जबलपुर और दिल्ली तीनों जगहों के लिए उड़ानों में एक-एक दिन की कमी आएगी। बिलासपुर-दिल्ली फ्लाइट भी 72 सीटर होगी। बतादें कि वर्तमान में बिलासपुर- प्रयागराज- दिल्ली और बिलासपुर- जबदलपुर- दिल्ली फ्लाइट में सीधे दिल्ली तक सफर करने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। इधर, हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने बिलासपुर से हैदराबाद, बिलासपुर से कोलकाता और बिलासपुर से मुंबई तक भी सीधी उड़ान और बिलासपुर एयरपोर्ट को फिर से उड़ान 5 योजना में शामिल किए जाने की केंद्र सरकार से मांग की है।
5 महीने में बंद कर दी गई थी भोपाल और इंदौर की फ्लाइटें
भारत सरकार और अलायंस कंपनी ने बिलासपुर से भोपाल फ्लाइट को 26 सितंबर 2022 को बंद कर दिया था। इस फ्लाइट की जगह बिलासपुर इंदौर फ्लाइट को अक्टूबर 2022 में शुरू किया गया था। इस फ्लाइट को भी 5 महीने मुश्किल से चलाया गया और पैसेंजर नहीं होने का हवाला देते हुए 26 मार्च 2023 को इसे भी बंद कर दिया गया था।
यानि 5 महीने में अलांयस कंपनी ने 5 फ्लाइटें बिलासपुर-भोपाल और बिलासपुर-इंदौर को बंर कर दिया था।
प्रतिदिन चले फ्लाइट, चारों दिशाओं के लिए मिले सीधी उड़ान
हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने बुधवार को बिलासपुर से दिल्ली की सप्ताह में तीन दिन सीधी उड़ान की घोषणा को सही तो बताया, लेकिन कहा कि यह सीधी उड़ान सातों दिन होनी चाहिए और जबलपुर प्रयागराज उड़ान के शेड्यूल को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही बिलासपुर से देश की चारों दिशाओं में महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग की।
कुछ दिनों पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शहर में हुई सभा के दौरान समिति के प्रतिनिधि मण्डल नेउनसे मिलने का समय मांगा था, लेकिन समय न मिलने पर के कारण विरोध प्रदर्शन किया गया और 35 सदस्यों ने गिरफ्तारी दी थी।
केंद्र का यू टर्न : जमीन का मामला अटका
एयरपोर्ट के लिए जमीन हस्तांतरण के मामले में बुधवार को केंद्र सरकार ने यू टर्न ले लिया। उसने कैबिनेट की मीटिंग के बाद ही जमीन मामले में कोई निर्णय लेने की बात कही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के सचिवों को एक साथ बैठकर इस विवाद को निराकरण करना चाहिए। क्योंकि वायुसेवा एवं एयरपोर्ट आम जनता लिए तैयार किया जा रहा है। और ये याचिका प्रतिद्वंद्वी याचिका न हो कर एक जनहित याचिका है। जस्टिस गौतम भादुड़ी एवं जस्टिस दीपक तिवारी की खंडपीठ में बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए दायर जनहित याचिका में सुनवाई के दौरान पिछले आदेश के तारतम्य में केंद्र सरकार व रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने शपथपत्र प्रस्तुत किया। इसमें बताया कि 1014 एकड़ ज़मीन जो बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए वापस हस्तांतरण होनी है, यह जमीन 2015-16 में प्रदान की गई थी।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को ज़मीन के अलॉटमेंट के बदले जिस राशि का भुगतान किया था, आज की रेट के अनुसार अनुसार पैसे वापस मिलने चाहिए। इस पर केंद्र शासन के रक्षा मंत्रालय की कैबिनेट मीटिंग के पश्चात फ़ैसला लिया जाना है। लेकिन केंद्र सरकारों तरफ़ से ये भी बताया गया कि 270 एक? की ज़मीन, जिसकी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए फि़लहाल अत्यंत आवश्यकता है, में काम चालू करने की निर्देश दिये जाने के लिए केंद्र सरकार तैयार है। लेकिन अगर राज्य शासन उसके लिए अलग से एक नया आवेदन प्रस्तुत करता है तो तत्काल 270 एक? ज़मीन केंद्र द्वारा राज्य सरकार को हस्तांतरण किया जा सकता है। शेष भूमि के लिए केंद्र सरकार अपनी कैबिनेट मीटिंग के पश्चात कोई निर्णय ले पाएगी । इस पर राज्य सरकार की तरफ़ से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने बताया कि उनके द्वारा पहले ही आवेदन केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जा चुका है और केंद्र सरकार को राज्य सरकार के द्वारा संपूर्ण राशि रुपए 93 करोड़ भी दी जा चुकी है उनकी तरफ़ से कोई भी कार्रवाई शेष नहीं है। आज केंद्र सरकार के द्वारा ज़मीन हस्तांतरण के संबंध में नवीन शर्तों का समावेश करना, न्यायालय के समक्ष उनके पिछले जवाब एवं हलफऩामे तथा आदेश के विरुद्ध है।
मेट्रो सिटीज तक उ?ान के संबन्ध में जानकारी दी केंद्र व एएआई ने
उच्च न्यायालय में सभी पक्षकारों ने यह भी बताया कि बिलासपुर से दिल्ली लिए सीधी वायु सेवा पिछले कुछ दिनों से ट्रायल पर चल रही थी और ट्रायल बहुत कुछ सफल भी रहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, एएआई व अलायन्स एयर को इस सीधी वायु सेवा को निरंतर रखने के लिए प्रयास करने लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि बिलासपुर से कोलकाता और दूसरी मेट्रो सिटीज़ के लिए भी निरंतर सीधी वायु सेवा प्रदान की जानी चाहिए। अलायन्स एयर की तरफ़ से ये बताया गया कि शीघ्र ही बिलासपुर से दिल्ली के लिए विंटर शेड्यूल के तहत सीधी वायु सेवा चालू होने वाली है, और बिलासपुर से कोलकाता के लिए भी सीधी वायु सेवा चालू करने के लिए केंद्र सरकार व अलायन्स एयर प्रयासरत है।