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नकली नोट केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 5 साल की सजा निरस्त… जानें क्या है पूरा मामला?

CG High court: हाईकोर्ट ने नकली नोट के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया है।
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Bilaspur High Court

Bilaspur High Court(photo-patrika)

CG High court: हाईकोर्ट ने नकली नोट के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक आपराधिक मंशा सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा और सभी गवाह भी मुकर गए हैं।

यह फैसला न्यायमूर्ति रजनी दुबे द्वारा क्रिमिनल अपील में सुनाया गया। अपील अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सारंगढ़ द्वारा 27 जून 2015 को दिए गए उस निर्णय के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें आरोपियों को आईपीसी की धारा 489-बी, 34 के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000 रुपये जुर्माने से दंडित किया गया था।

यह है मामला

यह मामला 19 नवंबर 2014 का है, जब डोंगरीपाली थाना क्षेत्र की एक देशी शराब दुकान में 1000 रुपये का एक संदिग्ध नोट देकर शराब खरीदने का प्रयास किया गया था। दुकान कर्मचारी को नोट नकली लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके से नित्यानंद चातर और सतानंद दास को पकड़कर नोट जब्त किया था। ट्रायल कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट में हुई अपील

ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। अपील की सुनवाई के दौरान सह-आरोपी नित्यानंद चातर की मृत्यु हो गई, जबकि सतानंद दास के खिलाफ हाईकोर्ट ने सबूतों को अपर्याप्त पाया। मुख्य गवाहों ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया और वे मुकर गए। किसी भी गवाह ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आरोपी को नोट के नकली होने की जानकारी थी। अभियोजन यह सिद्ध नहीं कर सका कि आरोपी ने जानबूझकर नकली नोट का उपयोग किया।

यह रहा अंतिम निर्णय

न्यायालय ने उमाशंकर बनाम राज्य (सुप्रीम कोर्ट) के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि धारा 489-बी के अपराध में जानकारी या विश्वास होना अनिवार्य तत्व है, जो इस मामले में प्रमाणित नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन संदेह से परे अपराध सिद्ध करने में असफल रहा है। परिणामस्वरूप अपील स्वीकार की गई। निचली अदालत का दोषसिद्धि व सजा आदेश निरस्त किया जाता है। जीवित आरोपी सदानंद दास को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।