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International Men’s Day: महिलाओं की तुलना में पुरुषों के सुसाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे, देखें ये आंकड़े

International Mens Day 2023: महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अवसाद की स्थिति तेजी से बढ़ रही है।

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International Men's Day: महिलाओं की तुलना में पुरुषों के सुसाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे, देखें ये आंकड़े

International Men's Day: महिलाओं की तुलना में पुरुषों के सुसाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे, देखें ये आंकड़े

बिलासपुर। CG News: महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अवसाद की स्थिति तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों के सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं। अब यदि एनसीआरबी के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2020 और 2021 में छत्तीसगढ़ में 15 हजार से अधिक लोगों ने आत्महत्या की थी जिसमें 11 हजार से अधिक पुरुष थे।

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एक स्टडी के अनुसार भारत में पुरुषों में आत्महत्या मृत्यु दर 34.6% है, जबकि महिलाओं में यह 13.1% है। एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 से 21 के बीच देश में कुल 1 लाख 64 हजार 33 आत्महत्याएं हुई थीं, जिनमें पुरुषों की संख्या 1 लाख 18 हजार 979 थी। वर्ष 2020 और 2021 में छत्तीसगढ़ में 15 हजार से अधिक लोगों ने आत्महत्या की थी जिसमें 11 हजार से अधिक पुरुष थे।

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अपोलो हॉस्पिटल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.अनिल यादव बताते हैं कि मानसिक बीमारी का इलाज कराने ज्यादातर महिलाएं ही अस्पताल पहुंचती हैं, जबकि पुरुष बेहद कम। शायद पुरुष सामाजिक प्रतिष्ठा खराब हो जाने और समाज में गलत छवि जाने जैसे डर के चलते कंसल्टेंट के पास नहीं पहुंच पाते हैं। संभवत: यही वजह उनकी आत्महत्या का कारण बन रहा होगा।

इस बार की थीम
पुरुषों में बढ़ती सुसाइडल टेन्डेन्सी को देखते हुए इस साल की थीम "शुन्य पुरुष आत्महत्या" राखी गई है। जिस तरह महिलाओं के महत्त्व और उनसे जुड़ी समस्याओं को उजागर करने के लिए महिला दिवस मनाया जाता है, उसी तरह समाज में पुरुषों के योगदान को अप्रिशिएट करने के लिए हर साल इंटरनेशनल मेंस डे मनाया जाता है। इस दिवस को मानाने का मकसद समाज समुदाय, परिवार बच्चों की देशभाल और पर्यावरण में पुरुषों के योगदान का जश्न मनाया जाता है।