12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG Teacher Suspended: दो सहायक शिक्षक तत्काल प्रभाव से सस्पेंड, इस मामले में DEO ने उठाया सख्त कदम

CG Teacher Suspended: शराब के नशे में स्कूल पहुंचने के आरोप में दो सहायक शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया है।

2 min read
Google source verification
शिक्षक तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (photo source- Patrika)

शिक्षक तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (photo source- Patrika)

CG Teacher Suspended: मस्तूरी विकासखंड में शराब के नशे में स्कूल पहुंचने के दो मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो सहायक शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों में स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों, जांच और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया के बाद यह निर्णय लिया गया।

CG Teacher Suspended: निलंबित करने के आदेश जारी

पहला मामला ग्राम पंचायत जुनवानी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। 6 मार्च को जब पंचायत के जनप्रतिनिधि स्कूल के निरीक्षण के लिए पहुंचे, तब वहां पदस्थ सहायक शिक्षक संदीप रात्रे शराब के नशे में पाए गए। स्कूल के प्रधान पाठक ने भी बताया कि संबंधित शिक्षक अक्सर बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होती है।

ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने इस मामले की संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मस्तूरी को सौंप दी। बीईओ द्वारा की गई जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक संदीप रात्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दर्रीघाट तय किया गया है।

CG Teacher Suspended: शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई

दूसरा मामला मस्तूरी ब्लॉक के पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला कुकुर्दीकला का है। यहां पदस्थ सहायक शिक्षक उत्तम कुमार कंवर के खिलाफ भी शराब पीकर स्कूल आने की शिकायत सामने आई थी। बीईओ ने उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा, जिसके जवाब में शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। इसके बाद बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में शराब के नशे में स्कूल आने के मामलों में करीब 14 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ शिक्षकों द्वारा ऐसी लापरवाही सामने आना शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।