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कालाष्टमी व्रत: भगवान शिव के रूप में आज काल भैरव का करें आह्वान, होगा बड़ा चमत्कार, जानें पूजा विधि

Today Kalashtami Vrat: इस बार पौष माह की कालाष्टमी का व्रत 4 जनवरी को रखा जा रहा है। कालाष्टमी के दिन बाबा काल भैरव की पूजा का विधान है। बाबा काल भैरव शिव जी के रौद्र माने जाते हैं...

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Kalashtami Vrat puja vidhi: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी व्रत रखा जाता है। इस बार पौष माह की कालाष्टमी का व्रत 4 जनवरी को रखा जा रहा है। कालाष्टमी के दिन बाबा काल भैरव की पूजा का विधान है। बाबा काल भैरव शिव जी के रौद्र माने जाते हैं।

इस दिन व्रत रखकर विधि पूर्वक पूजा करने से जीवन से दुख, दरिद्रता और परेशानियां दूर हो जाती हैं। कालाष्टमी व्रत के दिन शिवालयों, भैरव मंदिरों और मठों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें भगवान शिव के रूप में काल भैरव का आह्वान किया जाता है।

कालाष्टमी तिथि व मुहूर्त

पौष मास की कालाष्टमी तिथि 04 जनवरी 2024 की रात 10 बजकर 04 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस साल पौष मास की कालाष्टमी का व्रत 04 जनवरी 2024 दिन गुरुवार को रखा जाएगा।

मासिक कालाष्टमी व्रत का महत्व

रतनपुर स्थित सिद्ध पीठ श्री भैरव मंदिर के महंत पं जागेश्वर अवस्थी के अनुसार कालाष्टमी के दिन व्रत रखकर बाबा काल भैरव की पूजा करने से सभी तरह के भय से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। शत्रुओं से छुटकारा भी मिलता है।

कालाष्टमी की पूजन विधि
कालाष्टमी की पूजा के लिए सबसे पहले शुभ मुहूर्त में पूजा स्थल को साफ करें और काल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके बाद घर में गंगाजल छिड़कें और उन्हें फूल अर्पित करें। अब भैरव बाबा को धूप, दीप से पूजन कर नारियल, इमरती, पान का भोग लगाएं। इसके बाद भैरव बाबा के समक्ष चौमुखी दीपक जलाएं। पूजा के दौरान भैरव चालीसा और मंत्रों का पाठ करें।पूजा के अंत में हवन व आरती करें और भैरव बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करें।