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ऐसे किसान नहीं बेच पायेंगे धान, कार्ड दुरुस्त करने की अवधि 17 तक बढ़ाई गई

गिरदावरी रिपोर्ट में किसी भी किसान का जितना रकबा दर्ज रहेगा। उस किसान के उतने ही रकबे की धान की खरीदी होगी। जिले में प्रारंभिक तौर पर नए पंजीयन कराने वाले लगभग 13 हजार किसानों का पंजीयन गिरदावरी में पड़त या छूट गया है। एेसे किसानों का धान नहीं बिक पाएगा।

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ऐसे किसान नहीं बेच पायेंगे धान,  कार्ड दुरुस्त करने की अवधि 17 तक बढ़ाई गई

ऐसे किसान नहीं बेच पायेंगे धान, कार्ड दुरुस्त करने की अवधि 17 तक बढ़ाई गई

बिलासपुर. जिला समेत प्रदेश में गिरदावरी में अगर किसी किसी किसान के धान का रकबा भूल से पड़त श्रेणी में हो गया तो वह समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित हो जाएगा। यह समस्या नए पंजीयन कराने वाले किसानों के साथ ज्यादा समस्या आने की संभावना है।

गिरदावरी रिपोर्ट में किसी भी किसान का जितना रकबा दर्ज रहेगा। उस किसान के उतने ही रकबे की धान की खरीदी होगी। जिले में प्रारंभिक तौर पर नए पंजीयन कराने वाले लगभग 13 हजार किसानों का पंजीयन गिरदावरी में पड़त या छूट गया है। एेसे किसानों का धान नहीं बिक पाएगा।

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इसलिए राज्य के सभी जिलों में गिरदावरी सर्वे के रकबा और पंजीकृत किसानों के रकबे का मिलान किया जा रहा है। पूर्व में इसकी समय सीमा १० नवंबर तक निर्धारित की गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हस्तक्षेप के बाद गिरदावरी और पंजीयन रिकार्ड का मिलान करने व रिकार्ड दुरुस्त करने की समय सीमा 17 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

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