
मां महामाया देवी ratanpur
बिलासपुर. चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा के अलग अलग स्वरूपों की अलग-अलग दिन पूजा हो रही है। शहर सहित आसपास के ग्रामीण अचंलों में स्थित सभी देवी मंदिरों के साथ ही रतनपुर स्थित सिद्धपीठ मां महामाया मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कोरोना महामारी के दो वर्षों बाद श्रद्धालुओंं को प्रसाद व पूजन सामग्री के साथ मंदिर के भीतर पहुंचकर माता के दर्शन की व्यवस्था की गई है। इस बार मां महामाया मंदिर में 18 हजार से घी व तेल के मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्वलित किए गए हैं। सप्तमी के अवसर पर बिलासपुर से हजारों श्रद्धालु महिला-पुरुष व बच्चे पैदल चलकर महामाया मंदिर पहुंचेंगे। सिद्धपीठ मां महामाया मंदिर समिति ट्रस्ट के प्रबंधक सुनील सौंथालिया ने बताया कि मंदिर के पट सप्तमी पर पदयात्रियों के लिए सारी रात खुले रहेंगे। मंदिर प्रबंधन ने एक-एक कर श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं की मदद के लिए मंदिर के कर्मचारी व पुलिस प्रशासन के लोग सहयोग करेंगे जिसकी तैनाती कर दी गई है। मंदिर के कर्मचारी श्रद्धालुओं को उनके द्वारा जलाए गए मनोकामना दीप के दर्शन कराने में भी मदद करेंगे।
श्रद्धालुओं की
वापसी के लिए बसों की रहेगी व्यवस्था
सिद्धपीठ मां महामाया मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक सुनील सौंथालिया ने बताया कि मंदिर परिसर मैदान से रात्रि तीन बजे से पदयात्रियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से बसों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से छोटे वाहनों की व्यवस्था रहेगी ताकि वहां से यात्री बिलासपुर की ओर से सुविधापूर्वक आ सकें।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चौकस
पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से बिलासपुर-रतनपुर मार्ग पर सारी रात पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात रहेगी। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। रास्त में इस बार स्वयंसेवी संस्थाओं व राजनीतिक संगठनों की ओर से पेयजल, चाय व नाश्ते की भी व्यवस्था रहेगी जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
Updated on:
07 Apr 2022 11:51 pm
Published on:
07 Apr 2022 11:48 pm
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