सीपीआर देकर बचा सकते हैं दूसरों की जान, जानें इसके बारे में

अगर मरीज सड़क के किनारे या सकरी जगह पर है तो उसको किनारे या खुली जगह पर लनाना चाहिए। इसके बाद सीपीआर देना शुरू करना चाहिए।

Vikas Gupta

September, 2907:27 PM

दुर्घटना में बेहोश व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी- रेसूसिटेशन) से होश में ला सकते हैं। अगर किसी को ऐसे मरीज दिखाता है तो सबसे पहले 108 नंबर पर फोनकर एम्बुलेंस को सूचना देनी चाहिए ताकि जल्द मदद मिल सके। इसके साथ ही मरीज की सुरक्षा का भी ध्यान देना चाहिए। अगर मरीज सड़क के किनारे या सकरी जगह पर है तो उसको किनारे या खुली जगह पर लनाना चाहिए। इसके बाद सीपीआर देना शुरू करना चाहिए।

पहले जांचें कैरॉटिक पल्स -
मरीज को मदद देने से पहले उसकी कैरॉटिड पल्स (गले की नब्ज कंठ के दोनों तरफ होती) जांचें। तीन अंगुलियों से धड़कन टटोलते हैं। इससे पता चल जाएगा कि मरीज की सांस कैसे चल रही है। इसके बाद से सीने के बीच की हड्डी (स्टर्नम) जहां खत्म होती है वहां पर एक मिनट में 100 से 120 कंप्रेशन देेते हैं। तीस कंप्रेशन के बाद पीडि़त को ओपन एयर-वे की ओर ले जाते हैं। उसके माथे पर सीधे हाथ की तीन अंगुलियां रखकर इंडेक्स फिंगर, थंब से नाक दबाएं। मुंह से कृत्रिम सांस देने के लिए उसके मुंह पर रूमाल लगाकर सामान्य तरीके से सांस दें। एक सेकंड के अंतराल पर पांच बार करें।

किन्हें दे सकते हैं सीपीआर -
ऐसे मरीज को किसी दुर्घटना में घायल होकर सड़क के किनारे पड़ा हो या फिर आग या धुएं की चपेट में आकार बेहोश हो गया है। जिनको अचानक से झटका आया हो और वह बेहोश हो गया है। पानी में डूब रहे किसी व्यक्ति भी देने की जरूरत पड़ती है। लेकिन इसका ध्यान रखें कि आप डॉक्टर नहीं हैं।

विकास गुप्ता
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