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हार्मोनल इंबैलेंस दूर करने के लिए पिएं खूब पानी, लें प्रोटीन डाइट

Hormonal Imbalance In Hindi: हार्मोन्स किसी कोशिका या ग्रंथि से स्रावित होने वाले वे रसायन हैं जो शरीर के अन्य हिस्से की कोशिकाओं को भी प्रभावित करते हैं...

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Drink plenty of water, Eat protein diet to remove hormonal imbalance

हार्मोनल इंबैलेंस दूर करने के लिए पिएं खूब पानी, लें प्रोटीन डाइट

hormonal imbalance In Hindi: हार्मोन्स किसी कोशिका या ग्रंथि से स्रावित होने वाले वे रसायन हैं जो शरीर के अन्य हिस्से की कोशिकाओं को भी प्रभावित करते हैं। इसके कम या अधिक स्राव को ही हार्मोनल इंबैलेंस कहते हैं। इससे मासिक धर्म में अनियमितता, चेहरे पर बाल और गर्भधारण में दिक्कत आती है। इससे पुरुषों में कुशिंग सिंड्रोम होता है। यह असंतुलन तनाव, अनिद्रा, फास्ट फूड, अनियमित दिनचर्या से होता है। मेटाबॉलिज्म व इम्यून सिस्टम भी गड़बड़ा सकता है। मरीज के खानपान से लेकर स्वभाव तक में बदलाव देखने में आता है।

नारियल तेल और ओमेगा 3 फैटी एसिड फायदेमंद
नारियल का तेल हार्मोन बैलेंस करने में मददगार है। शरीर हाइड्रेट करने के लिए खूब पानी पीएं। स्ट्रेस लेवल भी कम होगा। ड्राइ फ्रूट्स ज्यादा मात्रा में लें। इसमें प्रचुर मात्रा में पोषक तत्त्व होते हैं। प्रोटीन युक्त संतुलित डाइट हार्मोन के असंतुलन में फायदेमंद है। हरी साग-सब्जी, फलियां और लहसुन खाएं। ओमेगा ३ फैटी एसिड के लिए मछली भी खा सकते हैंं। ये शरीर में हार्मोन को बैलेंस करने व बीमारियों से बचाव में मदद करता है।

गर्भधारण के लिए हॉर्मोन का संतुलन जरूरी
एस्ट्रोजन हार्मोन में असंतुलन से मासिक धर्म अनियमित होता है। गर्भधारण के लिए फोलिकल सिमुलेटिंग हार्मोन (एफएसएच), ल्यूटीनाइजिंग हॉर्मोन (एलएच) और प्रोजेस्टेरॉन का संतुलन जरूरी है। माहवारी के दौरान नमक कम लें। अधिक भारी काम न करें जिससे थकावट हो। नाभि पर कैस्टर ऑयल (अरण्डी का तेल ) लगाएं। इससे हॉर्मोनल असंतुलन में फायदा होगा।

02 तरह के हार्मोन
हार्मोन दो तरह के होते हैं, एंडोक्राइन और एक्सोक्राइन। एंडोक्राइन ग्रंथियों से स्रावित होकर रक्त से कोशिकाओं तक पहुंचकर उनको जीवित रखता है। एक्सोक्राइन पाचन ठीक रखने और चोट लगने से पहले दिमाग को सिग्नल देने का काम करता है।

दवाओं के साथ हार्मोन थैरेपी
खानपान के साथ संतुलित दिनचर्या फायदेमंद है। दवाओं के साथ हॉर्मोन थैरेपी से राहत मिलती है। तनाव न लें। घर में खुशी का माहौल रहेगा तो दिक्कत नहीं होगी। योग लाभकारी है।

आयुर्वेद से...
हॉर्मोनल इंबैलेंस ठीक करने के लिए पंचकुल, त्रिकुट, आरोग्य वर्धनी वटी देकर अग्नि दोष दूर करते हैं। शतावरी, अश्वगंधा, बिल चूर्ण, अशोक, पंचकुला का रस लेने से लाभ मिलता है। शोधन चिकित्सा, वमन, विरेचन से शरीर के दोषों को दूर किया जाता है।