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एक्सपर्ट इंटरव्यू: मेनोपॉज के दौरान रखें खास ध्यान

चालीस की आयु पर आते-आते मासिक धर्म के बंद होने के साथ ही शरीर में स्त्री हार्मोन्स की कमी के कारण शरीर में गर्मी, पसीना अधिक आना, जोड़ों व हड्डियों में दर्द, त्वचा के लावण्य में कमी, अवसाद, चिड़चिड़ापन, आदि परेशानियां सामने आने लगती हैं।
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Menopause

Menopause

मेनोपॉज क्या है?
महिलाओं में रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। शरीर में होने वाले इन स्वाभाविक बदलावों के दौरान महिलाओं को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चालीस की आयु पर आते-आते मासिक धर्म के बंद होने के साथ ही शरीर में स्त्री हार्मोन्स की कमी के कारण शरीर में गर्मी, पसीना अधिक आना, जोड़ों व हड्डियों में दर्द, त्वचा के लावण्य में कमी, शारीरिक सम्बन्धों में अरुचि, सहवास में दर्द, अवसाद, चिड़चिड़ापन तथा मूत्र व जननांगों के संक्रमण आदि परेशानियां सामने आने लगती हैं।
रजोनिवृत्ति का शरीर के अंगों पर क्या असर पड़ता है?
रजोनिवृत्ति के समय एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा रक्त में असंतुलित हो जाती है, इसकी वजह से अनियमित मासिक धर्म और अत्यधिक रक्तस्त्राव की शिकायत हो सकती है। उम्र बढऩे के साथ ही शारीरिक शिथिलता के कारण शरीर के अन्य अंगों पर असर पड़ता है।
ऐसे में क्या करें?
चालीस वर्ष की उम्र के बाद हड्डियों को मजबूत बनाने, मोटापे से बचने और शरीर को चुस्त व फुर्तीला बनाए रखने के लिए व्यायाम आवश्यक है। नियमित तेजगति से भ्रमण, हल्की एरोबिक, योगासन शरीर को स्वस्थ और दिमाग को शांत रखता है। ये बढ़ती उम्र में होने वाली परेशानियों से बचाव करते हैं। गहरी, धीमी लयबद्ध सांस लेकर हल्का व्यायाम करें। उठने-बैठने का सही तरीका अपनाकर आप बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों एवं मांसपेशियों की परेशानियों से बच सकती हैं। आहार में कैल्शियम, विटामिन-ए, सी, डी व ई युक्तखाद्य पदार्थ जैसे डेयरी उत्पाद, हरी सब्जियां-गाजर, पालक, टमाटर, आंवला, पपीता, अखरोट आदि प्रचुर मात्रा में लें। डाइट में सोयाबीन शामिल करें। यह कोशिकाओं को असमय मरने से बचाता है और रक्तमें कोलेस्ट्रॉल का सही अनुपात बनाए रखता है। मोटापे से बचने के लिए वसायुक्तभोजन से दूरी बनाएं। रेशेदार भोजन, अंकुरित अनाज, फल एवं हरी सब्जियां खूब खाएं। दूध बिना मलाई का पीएं और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं। बढ़ती उम्र के साथ महिलाएं नियमित मेडिकल चेकअप, स्वास्थ्य संबंधी जांचें कराएं व परामर्श लेती रहें। हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड, डायबिटीज आदि की नियमित अंतराल पर जांच एवं डॉक्टरी सलाह के अनुसार इन्हें नियंत्रित रखना आवश्यक है।

डॉ. सुनिला खण्डेलवाल, स्त्रीरोग विशेषज्ञ एवं मेनोपॉज कन्सलटेन्ट