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Health Benefits of Surya Namaskar: रोजाना करें सूर्य नमस्‍कार, सेहत को मिलेंगे चमत्कारी फायदे, लंबी उम्र तक बने रहेंगे फिट

Health Benefits of Surya Namaskar: अगर आप कम समय में अपने शरीर स्वस्थ्य रखना चाहते हैं तो आप सिर्फ एक योगासन करके भी फिट रह सकते हैं। अपने फिटनेस को बेहतर बनाने और बीमारियों को दूर रखने के लिए घर पर बड़ी आसानी से सूर्य नमस्‍कार का अभ्‍यास कर सकते हैं। इसके चमत्कारी रिजल्ट्स मिलेंगे। यह ना केवल आपको शारीरिक मजबूती देता है, बल्कि मानसिक रूप से भी आपको फिट रखता है।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 25, 2023

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Health Benefits of Surya Namaskar

Health Benefits of Surya Namaskar: अगर आप कम समय में अपने शरीर स्वस्थ्य रखना चाहते हैं तो आप सिर्फ एक योगासन करके भी फिट रह सकते हैं। अपने फिटनेस को बेहतर बनाने और बीमारियों को दूर रखने के लिए घर पर बड़ी आसानी से सूर्य नमस्‍कार का अभ्‍यास कर सकते हैं। इसके चमत्कारी रिजल्ट्स मिलेंगे। यह ना केवल आपको शारीरिक मजबूती देता है, बल्कि मानसिक रूप से भी आपको फिट रखता है।

इस तरह करें शुरुआत
सबसे पहले मैट पर कमर और गर्दन को सीधी करके पद्मासन या अर्ध पद्मासन की मुद्रा में बैठकर अब आंखें बंद करके गहरी सांस लें। कुछ स्‍ट्रेचिंग करें और फिर ओम का उच्‍चारण करते हुए प्रार्थना करें।

सूर्य नमस्‍कार करने का तरीका

प्रणामासन
मैट पर एक तरफ सीधे खड़े हो जाएं और अपने हाथों को सामने जोड़ते हुए प्रणाम की मुद्रा बनाएं। अब इसी मुद्रा में सूर्य का ध्‍यान करें और कुछ देर होल्‍ड करें। गहरी सांस लें और फिर छोड़ दें।

हस्तउत्तनासन
अब गहरी सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर अब धीरे धीरे अपने हाथों को प्रणाम करने की मुद्रा में पीछे की तरफ हल्‍का झुकने की कोशिश करें और इस स्थिति में कुछ समय तक रुकें।

पादहस्तासन
फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें और आगे की ओर झुकते हुए अपने हाथों से पैरों की उंगलियों को स्‍पर्श करें। इस मुद्रा में आपका सिर घुटनों से मिलना चाहिए। गहरी सांस लें और निकालें।

अश्व संचालनासन
इसके बाद गहरी सांस लेते हुए दाहिने पैर पीछे की ओर ले जाएं और पैर के घुटने को जमीन पर रखें। इस दौरान दूसरे पैर को मोड़कर दोनों हाथों के बीच रखें और आगे की तरफ देखें।

दंडासन
अब सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों और पैरों को एक लाइन में रखें। इसके बाद पुश-अप करने की अवस्था में आ जाएं। साथ ही गहरी सांस लेते रहें।

अष्टांग नमस्कार
अब सांस लेते हुए अपनी हथेलियों, चेस्ट, घुटनों और पैरों को जमीन से सटाएं। इस अवस्था में कुछ देर होल्‍ड करें और गहरी सांस लें और निकालें।

भुजंगासन
अब सांस छोड़ते हुए अपनी हथेलियों को जमीन पर रखे रहें और नाभी तक शरीर के आगे के हिस्‍से को उठाएं और पेट को जमीन से सटाकर रखें। साथ ही गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं।

पर्वतासन अथवा अधोमुख शवासन
पैरों को जमीन पर सीधा रखें। कूल्हे को ऊपर की ओर उठा लें। अपने कंधों को सीधा रखें और चेहरे को अंदर की तरफ रखें। इसके बाद अश्व संचालनासन, पादहस्तासन, हस्तउत्तनासन और प्रणामासन करें।