Health Tips: शुगर कंट्रोल करने के लिए सही खानपान बेहद जरुरी, जानिए क्या होनी चाहिए डाइट

Health News: टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण खराब जीवनशैली है । वे महिलाएं जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज हुई हो उन्हें भविष्य में इसका खतरा बना रहता है ।

 

 

By: Deovrat Singh

Published: 27 Aug 2021, 12:43 AM IST

Health News: टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण खराब जीवनशैली है । वे महिलाएं जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज हुई हो उन्हें भविष्य में इसका खतरा बना रहता है । लापरवाही से यह बीमारी स्नायु तंत्र, आंखें, दिमाग, किडनी व हृदय सं बंधी रोगों की वजह बन सकती है । मरीज रोजमर्रा की आदतों में बद लाव कर बीमारी को आगे बढऩे से रोक सक ता है ।

खाने के नियम तय करें:

मधु मे ह के रोगियों को कभी भी किसी भी समय का भोजन टालना नहीं करना चाहिए ।

सामा न्य रूप से प्रत्येक व्यक्ति को दिन में ३-४ बार भोजन करना चाहिए ताकि शुगर लेवल कंट्रोल रहे । इसमें किसी तरह की लाप रवाही न करें । सुबह का नाश्ता सूर्यो दय के बाद जल्दी से जल्दी करना अच्छा होता है। खिचड़ी, दलिया, अंकु रित अनाज, दूध व फल आदि को ना श्ते में ले सकते हैं ।

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वहीं दोपहर व रात के खाने को भी जितनी जल्दी संभव हो खा लें । इससे खाना आसानी से पच जाता है व मोटा पे से बचाव होता है । दोप हर के खाने में सला द व दही शामिल करें । डिनर में लौकी, तुरई, मूंग की दाल जैसी हल्की व सुपाच्य चीजें लें । तले भुने व मसा लेदार खाने से परहेज करें । कोल्ड ड्रिंक आदि की बजाय नारि यल पानी, छाछ, दूध आदि लें। घी, मक्खन, मावा, पनीर व अधिक मीठी चीजें न खाएं ।

व्या याम : शारी रिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कम से कम एक घंंटा एक्सरसाइज करें । एरो बिक्स, ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग व साइ क्लिंग से कै लोरी बर्न होती है । बुजुर्ग लोग या जिन्हें जोड़ों में दर्द की सम स्या है, वे एक घंटे टहलें । योग व मेडिटेशन से चिंता व तनाव दूर करें ।

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