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Health Tips: शुगर कंट्रोल करने के लिए सही खानपान बेहद जरुरी, जानिए क्या होनी चाहिए डाइट

Health News: टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण खराब जीवनशैली है । वे महिलाएं जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज हुई हो उन्हें भविष्य में इसका खतरा बना रहता है ।    
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Deovrat Singh

Aug 27, 2021

health news

Health News: टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण खराब जीवनशैली है । वे महिलाएं जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज हुई हो उन्हें भविष्य में इसका खतरा बना रहता है । लापरवाही से यह बीमारी स्नायु तंत्र, आंखें, दिमाग, किडनी व हृदय सं बंधी रोगों की वजह बन सकती है । मरीज रोजमर्रा की आदतों में बद लाव कर बीमारी को आगे बढऩे से रोक सक ता है ।

खाने के नियम तय करें:

मधु मे ह के रोगियों को कभी भी किसी भी समय का भोजन टालना नहीं करना चाहिए ।

सामा न्य रूप से प्रत्येक व्यक्ति को दिन में ३-४ बार भोजन करना चाहिए ताकि शुगर लेवल कंट्रोल रहे । इसमें किसी तरह की लाप रवाही न करें । सुबह का नाश्ता सूर्यो दय के बाद जल्दी से जल्दी करना अच्छा होता है। खिचड़ी, दलिया, अंकु रित अनाज, दूध व फल आदि को ना श्ते में ले सकते हैं ।

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वहीं दोपहर व रात के खाने को भी जितनी जल्दी संभव हो खा लें । इससे खाना आसानी से पच जाता है व मोटा पे से बचाव होता है । दोप हर के खाने में सला द व दही शामिल करें । डिनर में लौकी, तुरई, मूंग की दाल जैसी हल्की व सुपाच्य चीजें लें । तले भुने व मसा लेदार खाने से परहेज करें । कोल्ड ड्रिंक आदि की बजाय नारि यल पानी, छाछ, दूध आदि लें। घी, मक्खन, मावा, पनीर व अधिक मीठी चीजें न खाएं ।

व्या याम : शारी रिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कम से कम एक घंंटा एक्सरसाइज करें । एरो बिक्स, ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग व साइ क्लिंग से कै लोरी बर्न होती है । बुजुर्ग लोग या जिन्हें जोड़ों में दर्द की सम स्या है, वे एक घंटे टहलें । योग व मेडिटेशन से चिंता व तनाव दूर करें ।

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डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।