
कमर दर्द ही नहीं आैर भी बहुत कुछ ठीक करता है केवड़ा तेल
आयुर्वेद में केवड़ा का बहुत महत्व है और ये कई प्रकार की बीमारियो में काम आता है। खास कर केवड़े के तेल की मालिश गठियावात काे समाप्त करने में मददगार हाेती है। आइए जानते हैं केवड़े के आैर फायदाें के बारे में :-
बुखार में फायदा
केवड़े का रस 40 से 60 मिलीलीटर की मात्रा में बुखार पीड़ित को पिलाने से बुखार दूर होता है और शरीर में स्फूर्ति आती है।
कमर दर्द
केवड़े के तेल से रोजाना कमर की मालिश करने से कमर दर्द में राहत मिलती है।
त्वचा रोग
त्वचा रोग, फोड़े-फुंसी, दाद-खुजली में केवड़े के पत्तों को पीसकर लगाने से लाभ होता है।
माहवारी
केवड़े की जड़ को पानी में घिसकर चीनी के साथ पीने से माहवारी में अधिक रक्त स्राव की परेशानी दूर होती है।
पसीने की बदबू
केवड़े के पानी से नहानेे से जलन व पसीने की बदबू दूर होती है। गर्मियों में यह काफी लाभकारी होता है।
- केवड़ा तेल का उपयोग औषधि के रूप में गठियावात में किया जाता है।
- केवड़े जल का प्रयोग केशों के दुर्गंध दूर करने के लिए किया जाता है।
Updated on:
09 Nov 2018 08:09 pm
Published on:
09 Nov 2018 08:09 pm
