10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए रक्तदान से जुड़े भ्रम और सच

किसी मरीज की बीमारी के समय आपातकालीन स्थितियों में रक्तदान की जरूरत होती है।
less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Vikas Gupta

May 27, 2019

know-confusion-and-truth-about-blood-donation

किसी मरीज की बीमारी के समय आपातकालीन स्थितियों में रक्तदान की जरूरत होती है।

भ्रम : दूसरे का रक्त चढ़वाने से उसकी बीमारी भी रक्त लेने वाले में आ जाती है।

सच : ऐसा तब ही होता है जब रक्त की जांच पूरी तरह से न की गई हो या डोनर द्वारा खुद से जुड़े रोगों की पूरी जानकारी उपलब्ध न कराई गई हो।

भ्रम : रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आने लगती है।
सच : रक्तदान के दौरान शरीर से थोड़ी मात्रा में रक्त निकालते हैं। इस कारण मरीज को कुछ सेकेंड के लिए चक्कर आ सकता है लेकिन कमजोरी नहीं होती।

भ्रम : नियमित ब्लड डोनेशन से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर में फर्क होने लगता है।
सच : ऐसा बिल्कुल नहीं होता। लेकिन हाई बीपी और डायबिटीज के मरीज अपने फिजिशियन की सलाह के बाद ही रक्तदान का निर्णय लें।

भ्रम : रक्तदान में बहुत दर्द होता है।
सच : नहीं, रक्तदान की प्रक्रिया में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है। केवल रक्त निकालने के लिए सुई को लगाते समय ही दाता को मामूली सा दर्द महसूस होता है।