तन ही नहीं आपका मन भी रंगते हैं रंग

तन ही नहीं आपका मन भी रंगते हैं रंग

Yuvraj Singh Jadon | Publish: Mar, 20 2019 08:00:00 AM (IST) तन-मन

रंगों के अपने मायने और प्रभाव होते हैं, लाल, पीले, नीले और हरे रंग को साइकोलॉजिकल प्राइमरी कलर माना गया है

रंगों के अपने मायने और प्रभाव होते हैं। चिकित्सा की दुनिया में लाल, पीले, नीले और हरे रंग को साइकोलॉजिकल प्राइमरी कलर माना गया है। ये रंग तन, मन और भावनाओं के बीच सही संतुलन बनाते हैं।आइए जानते हैं इनके बारे में :-

लाल रंग:
यह रंग शारीरिक साहस, मजबूती, ऊर्जा, उत्तेजना और रोमांच से जुड़ा है। यह रंग तेजी से आगे बढऩे का अहसास भी कराता है इसलिए इसे मित्र रंग भी माना गया है।

नीला रंग:
यह रंग बुद्धिमानी, सकारात्मकता, विश्वास और मन को शांति देने वाला है। गाढ़ा नीला रंग तनाव दूर करता है। वहीं हल्का नीला ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।

पीला और हरा
पीला रंग: यह रंग आत्मसम्मान, दृढ़ता, विश्वास, मित्रभाव व सृजनात्मकता को बढ़ाता है लेकिन इसका गलत प्रभाव भय या चिंता बढ़ाकर आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है।

हरा रंग: यह सौहार्द, आत्मीयता, संतुलन, आराम व शांति देता है। इस रंग को देखने से सुकून का अहसास होता है।

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