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सांस के रोगी इन पांच व्यायामों से बढ़ाएं अपने फेफड़ों की क्षमता, मिलेंगे चमत्कारी फायदे

अस्थमा, फेफड़ों की कोई बीमारी आदि में देखभाल के लिए बचाव जरूरी है। इससे बचाव के लिए रोगियों को कुछ व्यायाम नियमित रूप से करने चाहिए। इनसे फेफड़े मजबूत होंगे और इम्युनिटी भी अच्छी रहेगी। जानते हैं इनके बारे में-

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Aug 20, 2023

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अस्थमा, फेफड़ों की कोई बीमारी आदि में देखभाल के लिए बचाव जरूरी है। इससे बचाव के लिए रोगियों को कुछ व्यायाम नियमित रूप से करने चाहिए। इनसे फेफड़े मजबूत होंगे और इम्युनिटी भी अच्छी रहेगी। जानते हैं इनके बारे में-

पर्स लिप ब्रीदिंग
इसमें एक जगह बैठकर नाक से 10 सेकंड में सांस लेते हैं, फिर मुंह से 20 सेकंड में छोडें। सांस छोड़ते समय होंठ सीटी या पर्स जैसे बना लें। यह अभ्यास ४०-५० बार दोहराएं। दिन में 3-4 बार करें।

डायफ्रॉमिक एक्सरसाइज
इसे बैली या एब्डोमिनल ब्रीदिंग भी कहते हैं। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं। इसे पेट या पीठ के बल लेट, बैठ व खड़े होकर करते हैं। यह पीठ के बल ज्यादा बेहतर होता है। लेट जाएं व शरीर को ढीला छोड़ें। एक हाथ छाती, दूसरा पेट पर रखें। अब गहरी सांस लें व धीरे-धीरे छोड़ें।

थर्ड ब्रीदिंग
इसमें फेफड़ों में सबसे पहले 1/3 सांस भरें। फिर 3-4 सेकंड रोककर छोड़ दें। इसके बाद 2/3 सांस भरें, 3-4 सेकंड रोककर छोड़ें। फिर पूरी सांस लें और मुंह से छोड़ें। इस क्रिया को एक बार में ८-१० बार करें और इसे दिन में २-३ बार दोहराएं।

बढ़ती गिनती के साथ लें गहरी सांस
यह सबसे सरल आसन है जो इम्युनिटी बढ़ाने के साथ ही फेफड़ों को मजबूत भी बनाता है। आराम की स्थिति में बैठ जाएं व गहरी सांस लेने के बाद गिनती शुरू कर दें। ध्यान रखें कि सांस लेने व छोडऩे का समय एक जैसे ही हो। इसे धीरे-धीरे बढ़ाएं। इस क्रिया को 5 मिनट तक कर सकते हैं।

अनुलोम विलोम
इसमें शुद्ध हवा अंदर जाती और दूषित बाहर निकलती है। फेफड़ों की कोशिकाएं खुलतीं, फेफड़े मजबूत होते हैं। इसे किसी भी शांत जगह बैठकर ५-१० बार तक कर सकते हंै। ऐसा दिन में २-३ बार कर सकते हैं। इसके साथ ही भ्रामरी प्राणायाम करना भी सांस के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।