
कसरत या योग आदि न करने और काम के बढ़ते तनाव की वजह से भी युवा हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं।
हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के एक शोध के अनुसार हृदयाघात अब बुजुर्गों का रोग नहीं रहा, युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं। ऐसे में कुछ खास बातों पर अमल कर दिल की बीमारियों से जुड़े बढ़ते खतरे से बचा जा सकता है। कसरत या योग आदि न करने और काम के बढ़ते तनाव की वजह से भी युवा हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं।
युवा सीने में बेचैनी, गले में तकलीफ, पीठदर्द, अपच, सर्दी व जुकाम को गंभीरता से नहीं लेते। ये हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं।
युवाओं में हृदय रोग बढ़ने का दूसरा कारण है खानपान। वे ज्यादा कैलोरी व नमक लेते हैं। स्मोकिंग व अल्कोहल जैसी गलत आदतें हृदय रोगों का खतरा बढ़ाती हैं। युवा कार्डियोवैस्क्यूलर रोगों के वंशानुगत कारणों, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा व मधुमेह के प्रति भी लापरवाह हैं।
ये करें : धूम्रपान व शराब का सेवन न करें, नियमित व्यायाम करें, रोजाना दो घंटे से ज्यादा टीवी न देखें, हैल्दी डाइट ही लें और आठ घंटे की पूरी नींद निकालें।
Published on:
17 Mar 2019 10:34 am
