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धूम्रपान और शराब पीने से होता है पेट का कैंसर

धूम्रपान और शराब के ज्यादा सेवन करने से पेट का कैंसर होता है।
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पेट का कैंसर

धूम्रपान और शराब पीने से होता है पेट का कैंसर

धूम्रपान और शराब के ज्यादा सेवन करने से पेट का कैंसर होता है। ये रोग अक्सर पेट में किसी भी कोशिका के अनियंत्रित तरीके से बढऩे या फिर आसामान्य होने पर होता है। यह रोग इतना भयानक है कि एक बार हो जाने पर ये पेट की भीतरी परतों में फैलता हुआ बाहरी परतों तक पंहुच जाता है। इस कैंसर को बड़ी आंत का कैसर भी कहते है।

लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अंकुर अटल गुप्ता ने बताया की पेट कैंसर के कुछ लक्षण तब भी नजर आते हैं जब रोगी बदहजमी, पेट के अल्सर या साधारण वाइरल फीवर से पीडि़त होता है। धूम्रपान और बहुत अधिक शराब पीना पेट कैंसर का सबसे सामान्य कारण है। इसी तरह शरीर में विटामिन बी.12 का अभाव भी पेट कैंसर का कारण बन सकता है।

क्यों होता है पेट का कैंसर
पेट के कैंसर के कुछ कारणों में कोई पुराना विकार जैसे गैस्ट्राइटिस की लंबे समय तक समस्या होना, पेट की किसी भी तरह की कोई शल्य सर्जरी, चिकित्सा या आनुवांशिक कारणों से भी पेट का कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। पेट के कैंसर के निदान में अगर जोखिम कारकों और लक्षणों से पेट के कैंसर की संभावना होती है तो डॉक्टर एक फेकल ऑकल्टक ब्लड टेस्ट कर सकते हैं, जिससे स्टूल में ब्लड की छोटी से छोटी मात्रा का भी पता लग जाता है।

पेट के कैंसर का उपचार
कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल अकेले या संयुक्त रूप से किया जा सकता है या कैंसर से प्रभावित सेल्स को प्रभावी तरीके से नष्ट कर सकते हैं। हालांकि दोनों ही थेरेपी स्वस्थ्य टिश्युओं को भी नष्ट करती हैं, जिससे कई साइड इफेक्ट्स उत्पन्न हो सकते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के साथ साइड इफेक्ट्स जैसे कि थकान, जी मचलाना, रक्त दाब में कमी और बालों का गिरना आदि का उपचार भी शामिल किया जाता है। पेट कैंसर के उपचार के लिए यह भी जरूरी है कि रोगी लगातार पौष्टिक भोजन लें।

पेट में कैंसर के लक्षण
जल्दी अपच या जलन और भूख की कमी
पेट में दर्द या पेट के ऊपरी हिस्से में बेचौनी
जी मचलानाए उल्टी, दस्त या कब्ज
खाने के बाद पेट की सूजन
वजन में कमी, कमजोरी और थकान
रक्तस्राव होता है, उल्टी व मल में खून आना