गीली नैपी से बच्चों को हो सकती है ये समस्याएं

गीली नैपी से बच्चों को हो सकती है ये समस्याएं

Jitendra Kumar Rangey | Publish: Jun, 18 2019 08:02:03 AM (IST) तन-मन

मां व्यस्त दिनचर्या के कारण बच्चे को हर समय नैपी पहनाए रखती हैं। ऐसे में बच्चे को स्किन से जुड़ी समस्या हो सकती है। बच्चों की त्वचा में नमीं रोकने के साथ काफी हल्की होती हैं। इस कारण बच्चा इसमें अधिक आराम महसूस करता है।

सूती लंगोट में मिलता आराम है
सूती लंगोट बच्चों की त्वचा में नमीं रोकने के साथ काफी हल्की होती हैं। इस कारण बच्चा इसमें अधिक आराम महसूस करता है। लेकिन ज्यादातर माएं सोचती हैं कि नैपी पहनाने के बाद बच्चा कितनी भी बार यूरिन करे वह सोख लेगा और बच्चा खुश रहेगा जो गलत है। जानिए क्या बरतें सावधानी-
ध्यान रखें : रात के समय कम से कम तीन बार बच्चे की नैपी (डायपर)बदलें। 1-2 बार यूरिन करे तो चल सकता है लेकिन हर बार स्टूल करने के बाद नैपी बदलना जरूरी है। किसी भी अवस्था में नैपी को पहनाए रखने का सही समय 1-4 घंटे से ज्यादा न हो। पहनाने से पहले त्वचा के आसपास की ठीक से सफाई करें।
तर्क : एक ही नैपी के बार-बार गीले होने से उसमें नमी आ जाती है जो त्वचा पर बैक्टीरियल-फंगल संक्रमण व रेशेज का कारण बनता है। खासकर बच्चियों में इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।
क्या करें : कहीं जा रहे हैं तो ही बच्चे को नैपी पहनाएं। इस दौरान नैपी बदलते भी रहें। यदि घर पर हैं तो लंगोट पहना सकते हैं जिन्हें अच्छे से धोकर व सुखाकर इस्तेमाल में लें।
डॉ. राम बाबू शर्मा, पीडियाट्रिशियन

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