
ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी के शिकार लोग निर्जीव वस्तु से जुड़ी कहानियां बुनते हुए फंतासी दुनिया में जीते हैं और इन्हें आभासी दुनिया में सुकून मिलता है।
कभी-कभी लोग गुड़िया, कम्प्यूटर, टेडी बियर या किसी भी निर्जीव वस्तु के साथ बेहद जुड़ाव महसूस करने लगते हैं और किसी भी हाल में उन चीजों से अलग नहीं होना चाहते। ऐसे लोग ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी रोग से पीड़ित होते हैं। ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी के शिकार लोग निर्जीव वस्तु से जुड़ी कहानियां बुनते हुए फंतासी दुनिया में जीते हैं और इन्हें आभासी दुनिया में सुकून मिलता है।
उपेक्षा है बड़ी वजह -
ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी बचपन में हुई उपेक्षा, दुत्कार और रूखे व्यवहार से उपजती है। जब अभिभावक बच्चे को किसी भावनाहीन और निर्जीव वस्तु की तरह ट्रीट करते हैं तो उनका खिंचाव निर्जीव चीजों की ओर बढ़ जाता है। काउंसलिंग, ट्रॉमा थैरेपी और मेडिकेशन के जरिए इस बीमारी का उपचार किया जाता है। साथ ही घरवालों को चाहिए कि वे इनकी भावनाओं को समझें और व्यवहार में नर्मी बरतें। इसके रोगी निर्जीव वस्तु को अपना प्रेमी मान बैठते हैं। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि कई महिलाएं और पुरुष निर्जीव वस्तुओं से दीवानेपन की हद तक प्यार कर बैठते हैं।
Published on:
03 Jun 2019 01:25 pm
