
yoga for slim body and figure
फिट रहने के लिए फिटनेस एक्सपट्र्स एरोबिक, एक्सरसाइज, ब्रिस्क वॉक, मॉर्निंग वॉक और कार्डियो एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। आयुर्वेद में भी कुछ आसन ऐसे हैं जिन्हें कार्डियो के रूप में कर सकते हैं। इसे किसी भी समय कर सकते हैं।
ऊध्र्व हस्तासन -
इस आसन को करने से पहले सावधान की स्थिति में खड़े हो जाएं। दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में फंसाकर ऊपर की ओर खींचें। फिर सांस खींचते हुए पहले दाएं तरफ और फिर बाएं तरफ थोड़ा झुकें। इस दौरान सामान्य सांस लेते रहें। इसके नियमित अभ्यास से लंबाई तो बढ़ती है साथ ही हर अंग की मांसपेशियों और अंदरूनी कोशिकाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
सावधानी : अभ्यास के दौरान कोई दिक्कत जैसे असहज महसूस होने, चक्कर आने, सिरदर्द जैसी परेशानी होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।
चतुरंग दंडासन -
पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। हथेलियों को सीने के पास लाकर जमीन पर टिकाएं। हाथों पर वजन डालते हुए शरीर को ऊपर उठाएं और पैरों की अंगुलियों के बल टिक जाएं। कलाई और कंधे के बीच जब तक 90 डिग्री का कोण नहीं बन पाता तब तक ऊपर उठें। पीठ सीधी रखें। सिर शरीर की सीध में होना चाहिए। एब्स बनाने के लिए इस आसन का घर पर भी अभ्यास कर सकते हैं।
सावधानी : गर्भवती महिलाएं इस आसान को न करें। कलाइयों में या कमर में दर्द है तो न करें। यदि किसी बीमारी से ग्रस्त हैं तो भी इस आसन को करने से बचें।
उत्कटासन -
सीधे खड़े होकर दोनों पैरों के बीच ६ इंच की दूरी व दोनों हाथों को कंधों के बराबर सामने की ओर रखें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए घुटनों को मोड़ते हुए जैसे कुर्सी पर बैठते हैं वैसे ही बैठें। हाथों को सिर के बराबर ऊपर ले जाएं व सामान्य सांस लें। इसी स्थिति में रुकें। धीरे-धीरे सांस छोड़ें। प्रारंभिक अवस्था में आएं। इससे जांघ, कमर व पेट की चर्बी कम होने से मांसपेशी व हड्डियां मजबूत होती हैं। कब्ज-एसिडिटी में लाभ होता है।
सावधानी : इस आसन को खाली पेट नहीं करें। पैरों में किसी प्रकार की चोट या पूर्व में कोई सर्जरी हुई है तो बिना विशेषज्ञ व चिकित्सक की सलाह के न करें।
पूर्वोत्तानासन -
पूर्वोत्तानासन से पूरे शरीर का व्यायाम होता है। समतल जमीन पर चटाई या कालीन बिछाकर सीधे लेट जाएं। आसमान की तरफ देखें। श्वांस अंदर लेते हुए नितम्बों, कमर व कन्धों को ऊपर की ओर उठाते हुए आसमान की ओर देखते रहें। इसके बाद हाथ पीछे करते हुए पैर के अंगूठे को पकडऩे का प्रयास करें। पैर का अंगूठा पकड़ते समय ठोड़ी सीने से सटी होनी चाहिए। इससे शरीर मजबूत व लचीला बनता है। कमरदर्द में फायदेमंद है।
सावधानी : गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक से परामर्श के बिना नहीं करना चाहिए। सामान्यत: बिना एक्सपर्ट के कोई भी योग नहीं करना चाहिए।
Published on:
01 Dec 2019 05:49 pm
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